Arthgyani
होम > न्यूज > एमएसएमई

देश के विकास में एमएसएमई सेक्टर की 29 फीसदी हिस्सेदारी है:गडकरी

एमएसएमई में 10-11 करोड़ नौकरियां पैदा करने की क्षमता है

देश के विकास में एमएसएमई सेक्टर की 29 फीसदी हिस्सेदारी है| एमएसएमई के माध्यम से 48 फीसदी निर्यात किया जाता है। एमएसएमई में 10-11 करोड़ नौकरियां पैदा करने की क्षमता है। सरकार एमएसएमई निर्यात बढ़ाने और घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देने की योजना के तहत निर्यात को घटाने के लिए दो पॉलिसी तैयार कर रही है।ये बातें केंद्रीय एमएसएमई और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहीं|वे नागपुर में स्मॉल माइक्रो एंटरप्राइजेज कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे|

दो योजनाओं पर काम कर रही है सरकार:

नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार दो योजनाओं पर काम कर रही है। पहली योजना के तहत निर्यात से जुड़ी इंडस्ट्रीज को कैसी मदद की जाए और निर्यात कैसे बढ़ाया जाए, पर काम हो रहा है। चमड़ा उद्योग का उदाहरण देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस इंडस्ट्री का कुल टर्नओवर 1.40 लाख करोड़ रुपए है। इसमें से 80 से 90 हजार करोड़ का कारोबार घरेलू बाजार से होता है जबकि 45 से 50 हजार करोड़ का कारोबार निर्यात से होता है। उन्होंने इस इंडस्ट्री को मॉडर्नाइजेशन, अपग्रेडेशेन, प्रोडक्ट डिजाइनिंग, उत्पादन लागत घटाने और क्वालिटी में सुधार लाने की दिशा में काम करने की सलाह दी|दूसरी पॉलिसी के तहत सरकार आयात घटाने के लिए स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की योजना पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी पॉलिसी पर काम किया जा रहा है जिसके तहत विशेष रूप से आयातित उत्पादों को देश में ही निर्मित किया जाए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन दोनों पॉलिसी को लेकर वाणिज्य मंत्रालय से वार्ता चल रही है और यह अंतिम दौर में है।

डिफेंस सेक्टर में बढ़े एमएसएमई:

नितिन गडकरी ने डिफेंस सेक्टर में एमएसएमई की हिस्सेदारी को आवश्यक बताया|  उन्होंने कहा  डिफेंस खरीदारी प्रक्रिया में फाइलें सालों तक दबी रहती हैं। जब उत्पाद फाइनल होता है और टेंडर जारी किया जाता है तब तक उत्पाद पुराना हो चुका होता है। उन्होंने डिफेंस खरीदारी प्रक्रिया को बदलने पर जोर दिया | गडकरी ने कहा कि डिफेंस सेक्टर से एमएसएमई को उतना काम नहीं मिल रहा है जितना मिलना चाहिए। उन्होंने एक अच्छी पॉलिसी बनाने के बारे में कहा जिससे डिफेंस सेक्टर में एमएसएमई की भागीदारी बढ़ाने में कारगर साबित हो।