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नये सत्र में 1.25 लाख टन चीनी का उत्पादन

उत्पादन में करीब 70 लाख टन की कमी

चीनी मिलों में गन्ने की पेराई और चीनी उत्पादन का नया सत्र थोड़े विलंब के साथ शुरू हो गया है|देशभर की 28 चीनी मिलों में उत्पादन चालू हो गया है| अब तक 14.50 लाख टन गन्ने की पेराई से कुल 1.25 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है।ये जानकारी सहकारी चीनी मिलों के संगठन नेशनल फेडरेशन ऑफ को-ऑपरेटिवशुगर फैक्टरीज लिमिटेड यानी एनएफसीएसएफ से मिली। एनएफसीएसएफ ने वर्तमान सत्र में करीब 70 लाख टन की कमी आशंका भी जतायी है|

बता दें कि महाराष्ट्र और कर्नाटक में पहले सूखे और फिर बाढ़ से गन्ने की फसल को भारी नुकसान हुआ है। इससे चालू पेराई सीजन 2019-20 में चीनी उत्पादन 22 फीसदी घटकर 260 लाख टन रहने का अनुमान है।एनएफसीएसएफ के प्रेसीडेंट दिलीप वल्से पाटिल ने एक बयान में कहा, “गन्ने का रकबा घटने के साथ-साथ उत्पादकता में कमी के चलते इस चालू सीजन 2019-20 में चीनी के उत्पादन में कमी आ सकती है। देश में चीनी का उत्पादन चालू सीजन में 260-265 लाख टन रहने का अनुमान है जबकि पिछले साल भारत में चीनी का उत्पादन 331 लाख टन था। इस प्रकार पिछले साल के मुकाबले इस साल चीनी के उत्पादन में करीब 70 लाख टन की कमी आ सकती है।

एनएफसीएसएफ ने सोमवार को जारी एक विज्ञप्ति से सूचित किया कि देशभर में 28 चीनी मिलों में गन्ने की पेराई आरंभ हो चुका है| अब तक सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में 13 चीनी मिलें चालू हो चुकी हैं।इसके बाद नौ मिलें कर्नाटक में चालू हो चुकी हैं। तमिलनाडु में छह मिलों में चीनी का उत्पादन आरंभ हो चुका है। एक अक्टूबर से आरंभ होने वाले चीनी उत्पादन एवं विपणन वर्ष में इस साल थोड़ा विलंब से गन्ने की पेराई का कार्य आरंभ हुआ है।

बढ़ा है चीनी का निर्यात:

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2019-20 के पहले चार महीने, अप्रैल से जुलाई के दौरान 18.59 लाख टन चीनी का निर्यात हुआ है। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 9.67 लाख टन का निर्यात हुआ था। विश्व बाजार में व्हाइट चीनी के भाव 380 से 385 डॉलर प्रति टन हैं।मोदी सरकार चीनी के निर्यात पर 10.50 रुपये प्रति किलो की सब्सिडी दे रही है। विश्व बाजार में चीनी की कम  उपलब्धता के कारण निर्यात सौदों में तेजी आने का अनुमान है।निर्यात में तेजी से चीनी की कीमत प्रभावित होने का अनुमान है|