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निवेश / इन्वेस्टमेंट क्या है ? निवेश (Investment) के प्रकार

क्या है निवेश और इन्वेस्टमेंट के प्रकार

जब हम किसी वित्तीय सम्पत्ति की खरीद इस उम्मीद से करते है कि भविष्य में हमें उससे लाभ मिलेगा, तो वह निवेश / इन्वेस्टमेंट (Investment) कहलाता है।  निवेश करना यानी कि अपने पैसे या अन्य महत्वपूर्ण संसाधनो को भविष्य में लाभ प्राप्त करने की इच्छा से आवंटित करना।

जॉन कीन्स ने कहा है “Investment as real investment and not financial investment”, अर्थार्त इंवेस्टमेंट  सिर्फ एक वित्तीय निवेश न होकर एक असली निवेश है। निवेश का मुख्य लक्ष्य होता है ‘संपत्ति और प्रतिभूतियों के मूल्य में वृद्धि ,या सम्पति और प्रतिभूतियों से लगातार लाभ प्राप्त करना’

निवेश क्या है?

एक निवेश एक संपत्ति या वस्तु है जो आय या प्रशंसा पैदा करने के लक्ष्य के साथ हासिल की जाती है। एक आर्थिक अर्थ में, एक निवेश उन वस्तुओं की खरीद है जो आज उपभोग नहीं किए जाते हैं लेकिन भविष्य में धन बनाने के लिए उपयोग किए जाते हैं। वित्त में, एक निवेश एक मौद्रिक संपत्ति है जिसे इस विचार के साथ खरीदा जाता है कि परिसंपत्ति भविष्य में आय प्रदान करेगी या बाद में लाभ के लिए उच्च कीमत पर बेची जाएगी।

इन्वेस्टमेंट को समझना

निवेश एक परियोजना को शुरू करने या विस्तार करने के लिए काम करने के लिए पैसा लगा रहा है – या एक परिसंपत्ति या ब्याज खरीदने के लिए – जहां उन निधियों को काम पर रखा जाता है, समय के साथ आय और लक्ष्य में वृद्धि के साथ। शब्द “निवेश” भविष्य की आय उत्पन्न करने के लिए उपयोग किए जाने वाले किसी भी तंत्र को संदर्भित कर सकता है। वित्तीय अर्थों में, इसमें कई अन्य लोगों के बीच बॉन्ड, स्टॉक या रियल एस्टेट संपत्ति की खरीद शामिल है।

इसके अतिरिक्त, एक निर्मित भवन या वस्तुओं का उत्पादन करने के लिए उपयोग की जाने वाली अन्य सुविधा को निवेश के रूप में देखा जा सकता है। अन्य वस्तुओं के उत्पादन के लिए आवश्यक वस्तुओं का उत्पादन भी निवेश के रूप में देखा जा सकता है।

भविष्य के राजस्व को बढ़ाने की उम्मीद में एक कार्रवाई करना भी एक निवेश माना जा सकता है। उदाहरण के लिए, जब अतिरिक्त शिक्षा का चयन करना है, तो लक्ष्य अक्सर ज्ञान बढ़ाने और अंततः अधिक आय पैदा करने की उम्मीद में कौशल में सुधार करना है।

क्योंकि निवेश भविष्य की वृद्धि या आय की ओर उन्मुख है, ऐसे मामले में निवेश से जुड़ा जोखिम है कि यह बाहर पैन नहीं करता है या कम गिरता है। मिसाल के तौर पर, ऐसी कंपनी में निवेश करना जो दिवालिया हो जाना या ऐसी परियोजना जो विफल हो जाए। यह वह है जो निवेश को बचत से अलग करता है – बचत भविष्य के उपयोग के लिए पैसा जमा कर रहा है जो जोखिम में नहीं है, जबकि निवेश भविष्य के लाभ के लिए काम करने के लिए पैसा लगा रहा है और कुछ जोखिम को बढ़ाता है।

इन्वेस्टमेंट / निवेश के प्रकार

  1. स्वायत्त निवेश (Autonomous Investment)

एक ऐसा निवेश / इन्वेस्टमेन्ट जो आय में वृद्धि या घटाव के साथ नहीं बदलता, सवायत्त निवेश कहलाता है। यह सन्दर्भित करता है उन निवेश को जो घर, सार्वजनिक इमारत,सड़क, और अन्य भूमिकारूप व्यवस्था (Infrastructure ) पे किया जाता है।  इस तरह का निवेश आम तौर पर सरकार करती है।

  1. इंड्यूसेड निवेश (Induced Investment)

निवेश जो आय (Income) में बदलाव के साथ बदलता रहता है, इनडीउसड निवेश / इंवेस्टमेंट कहलाता है।  इस प्रकार का निवेश सकारात्मक रूप से आय के स्तर से जुड़ा हुआ होता है अर्थात अधिक आय स्त्रोत के समय अधिक निवेश किया जाता है और कम आय स्रोत के समय कम निवेश।

  1. वित्तीय निवेश (Financial Investment)

वित्तीय उपकरणों में किए जाने वाले निवेश को हम वित्तीय निवेश कहते है, जैसे की नए और पुराने शेयर्स, बांड इत्यादि। ध्यान रहे कि मौजूदा उपकरणों जैसे पुराने शेयर या पुराने बांड्स के खरीद के लिए प्रयोग किया जाने वाला धन  निवेश नहीं कहलाता।

  1. वास्तविक निवेश (Actual Investment)

जो निवेश औद्योगिक संयत्र तथा औद्योगिक उपकरणों, सार्वजनिक उपयोगिताओं के खरीद जैसे स्कूल, रोड , रेलवे इत्यादि में किया जाए, वास्तविक निवेश कहलाता है।  इसका सीधा असर रोज़गार सृजन और आर्थिक विकास पे पड़ता है।

  1. प्लांड निवेश (Planned Investment)

अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रो में  एक योजना के तहत एक  विशिष्ट लक्ष्य के साथ अगर निवेश किया  जाए, तो वह प्लांड निवेश कहलाया जाएगा  ।  इससे इनटेनडेड इनवेस्टमेंट ( Intended Investment ) भी कहा जाता है।

  1. अनप्लांड निवेश (Unplanned Investment)

जैस की नाम से ही स्पष्ट है, ऐसा निवेश जो किसी योजना के साथ ना किया जाए, अनप्लांड निवेश कहलाता है। इस निवेश के अंतर्गत निवेशक का कोई विशिष्ट लक्ष्य हो ऐसा अनिवार्य नहीं होता ।

  1. कुल निवेश (Total Investment)

धनराशि का पूरा हिस्सा जो नयी संपत्ति के निर्माण में लगाया जाए जैसे : कार्यशाला एवं यन्त्र, कारखाना तथा ईमारत,कुल निवेश के श्रेणी में आता है।

  1. शुद्ध निवेश (Net Investment)

एक निश्चित अवधि के अंतर्गत (आमतौर पर एक साल) कुल निवेश को अगर कुल पूँजी  से हटा दिया  जाए तो जो रकम बचेगी,  उसे शुद्ध निवेश कहा जाएगा।

आमतौर पर लोगो को लगता है की निवेश करना पेचीदा काम है, परन्तु इसकी सही जानकारी के साथ, आप अपने आवशयकतानुसार सही जगह निवेश कर सकते है।