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पतंजलि को मिला अंतराष्ट्रीय स्तर पर डील का प्रस्ताव: सीईओ आचार्य बालकृष्ण

जीएसटी के कारण पतंजलि को भी उठाना पड़ा नुकसान

भारत में आयुर्वेद स्वदेशी कंपनी पतंजलि कई वर्षों से टॉप पर चल रही है| कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों के अंतराल में काफी सारी नई प्रोडक्ट्स को लांच किया है| खाद्य पदार्थों, सौन्दर्य सामग्रियों, औषधियों, से लेकर कपड़ों तक की प्रोडक्ट्स को यह कंपनी लाँच कर चुकी है| हालांकि ये बात भी है कि हमेंशा से पतंजलि ने मल्टीनेशनल कंपनियों (एमएनसी) का बहिष्कार भी किया है| वहीं ईटी की खबर के मुताबकि, पतंजलि के सीईओ आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि तीन से चार ग्लोबल कम्पनियों ने अंतराष्ट्रीय स्तर पर पतंजलि के साथ डील करने का प्रस्ताव रखा है| उनका यह भी कहना ही कि जब तक बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के साथ पतंजलि प्रोडक्ट के रेट का टकराव नहीं है तो डील में कोई तकलीफ नहीं है|

जीएसटी के कारण पतंजलि को भी नुकसान उठाना पड़ा| बालकृष्ण ने बताया दो साल पहले लागू हुए जीएसटी टैक्स के कारण पतंजलि कंपनी की ट्रेड, सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन चैनल में सामंजस्य स्थापित नहीं कर पाई है, इस वजह से नुकसान काफी बढ़ा। फिलहाल पतंजलि के कारोबार को लगातार नुकसान हो रहा है। नीलसन के डाटा के अनुसार, पतंजलि ने अपनी सभी कोर कैटेगरी में मार्केट से हिस्सेदारी खोती जा रही है।

पतंजलि के आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष 2019 के जुलाई-सितंबर तिमाही में पतंजलि प्रोडक्ट की कुल सेल्स 1769 करोड़ रुपए थी जो कि पिछले साल समान अवधि में 1576 करोड़ रुपए थी। जुलाई 2018 से जुलाई 2019 के मध्य पतंजलि के डिटर्जेंट, हेयर केयर, साबुन और नूडल्स जैसी प्रोडक्ट की मार्केट से हिस्सेदारी कम हुई है। वहीं समानअवधि में केवल पतंजलि टूथपेस्ट प्रोडक्ट से बाजार में हिस्सेदारी बढ़ी है|