Arthgyani
होम > न्यूज > पेट्रोल डीजल पर लग सकता है नया “प्रीमियम टैक्स” 

पेट्रोल डीजल पर लग सकता है नया “प्रीमियम टैक्स” 

घरेलू स्तर पर इन दोनों ईंधन की कीमतें अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच जाएंगी।

आम जनता पहले ही कुछ कम परेशान नहीं है, एक तरफ महंगाई तो दूसरी तरफ GST और अन्य टैक्सेस का बढ़ता दबाव। अब सरकार जनता को एक और झटका दे सकती है। सरकार एक ऐसे प्रस्ताव पर विचार कर रही है जिसके तहत तेल विपणन कंपनियों को पेट्रोल डीजल पर प्रीमियम टैक्स लगाने की अनुमति दी जाएगी।

क्यों लगेगा प्रीमियम टैक्स

सरकार द्वारा यह प्रीमियम टैक्स तेल वितरण कंपनियों की ओर से रिफाइनरियों का बीएस-6 फ्यूल अपग्रेडेशन में किये गए निवेश अर्थात भारत स्टेज 6 (बीएस) के स्तर के हिसाब से ईंधन बनाने में आने वाले खर्च की पूर्ति करने के लिए लगाया जा सकता है। दरअसल दैनिक भास्कर के अनुसार सरकारी और प्राइवेट तेल वितरण कंपनियों ने पेट्रोलियम मंत्रालय को बीएस-6 अपग्रेडेशन में किए गए निवेश की पूर्ति के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ाए जाने की अपील की है जिसके लिए प्रीमियम टैक्स को माध्यम बनाया गया है।

प्रीमियम टैक्स बढ़ने का असर

अगर प्रीमियम टैक्स को मंजूरी मिलती है तो इसका असर वैश्विक स्तर पर नहीं होने के बावजूद घरेलू स्तर पर इन दोनों ईंधन की कीमतें अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच जाएंगी। पेट्रोल 80 पैसे और डीजल 1.50 रुपए प्रति लीटर महंगा हो जाने की पूरी संभावना है। अनुमानतः यह नया टैक्स ग्राहकों से पांच साल तक वसूला जाएगा।

क्यों है तेल कम्पनियों को रिकवरी का चैलेंज

सरकारी तेल कंपनियां इंडियन ऑयल, हिन्दुस्तान पेट्रोल और भारत पेट्रोलियम 2017 से अब तक तक़रीबन 80 हजार करोड़ रुपए का निवेश बीएस -6 अपग्रेडेशन में लगा चुकी है, लेकिन अब इसकी रिकवरी के लिए मुश्किलें बढ़ गयी हैं। इस मुश्किल के पीछे कई कारण हैं।

1 . इलेक्ट्रिक वाहनों में शिफ्ट होने से मुश्किलें – पंजाब केसरी के अनुसार तेल की मांग में स्थिरता बने रहने से एक बड़ा भाग इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर शिफ्ट हो जाता है जिससे विशेष प्लान के बिना तेल कंपनियों की ओर से किए निवेश की रिकवरी मुश्किलें पैदा कर रही है।

2. रिलायंस पेट्रोल पंप ने बढ़ाई मुश्किल –  भारत की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज और ब्रिटिश पेट्रोलियम (बीपी) द्वारा मिलकर पेट्रोल पंप लगाने की योजना से देश में सरकारी तेल कंपनियों की रिटेल फ्यूल बाजार हिस्सेदारी पर असर पड़ रहा है। गौरतलब है कि जल्द ही रिलायंस और बीपी के समझौते से रिलायंस के मौजूदा 1400 पेट्रोल पंपों की संख्या बढ़कर 5500 हो जाने वाली है ।