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पेट्रोल हो सकता है 25 रूपए तक सस्ता!

अगले बजट में सरकार ने कर ली है पेट्रोलियम को GST के दायरे में लाने की तैयारी

निर्मला सीतारमण के बाद अब अगर पेट्रोलियम मिनिस्‍टर धर्मेंद्र प्रधान के संकेतों की माने तो सरकार GST के दायरे को बढ़ाते हुए पेट्रोलियम पदार्थों को भी इसमें शामिल कर सकती है| अगर ऐसा हुआ तो पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्य में भारी संसोधन होगा और आम लोगों की जेब भी कम खाली होगी| सरकार नेचुरल गैस और जेट फ्यूल (Aviation Turbine Fuel-ATF) को जल्‍द ही GST के दायरे में ला सकती है| पेट्रोलियम मिनिस्‍टर धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि इसका ऐलान आगामी बजट में हो सकता है| इससे पेट्रो उत्‍पादों की कीमतों में अच्छी कमी आएगी| अगर यह लागू हुआ तो इससे ग्राहकों और पेट्रोलियम सेक्टर को बड़ी राहत मिलेगी| अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए सरकार द्वारा विगत दिनों उठाये गए कदमों की बात करते हुए धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि, ’सरकार द्वारा किए गए कॉरपोरेट टैक्स में कटौती से निजी निवेश में बढ़ोतरी संभव है| आने वाले सालों में निजी निवेश में और वृद्धि होगी| सरकारी संपत्ति की बिक्री से मिली रकम देश के इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होगी|’

पेट्रोलियम पदार्थों को GST दायरे में लाने के बारे में ज़ी बिजनेश से बात करते हुए सीनियर ट्रेड एनालिस्‍ट अरुण केजरीवाल ने कहा की अगर एक्साइज़ ड्यूटी और VAT दोनों हटाकर पेट्रोल को भी GST में लाने का फैसला कर लिया जाए तो वह भी करीब 25 रुपये तक सस्‍ता हो सकता है|

राज्यों की सहमती प्राप्त करनी टेढ़ी खीर

विदित हो की जून में राज्यसभा में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि कच्‍चे पेट्रोलियम, हाई स्‍पीड डीजल, नेचुरल गैस और जेट फ्यूल को GST के दायरे में लाया जा सकता है| हालांकि ऐसा तब हो सकता है जब  इसके लिए राज्यों की मंजूरी मिलती है, क्योंकि इस संदर्भ में राज्यों की सहमती बहुत जरूरी है| ज्ञात हो की वर्तमान में पेट्रोल-डीजल और अन्य पेट्रोलियम पर राज्य सरकार खुद टैक्स लगाते हैं| दरअसल, राज्य सरकार की कमाई का बड़ा हिस्सा पेट्रोलियम पदार्थों पर लगाए गए टैक्स से प्राप्त होती है| तो सबसे बड़ा प्रश्न ये है की क्या राज्य सरकारे इसके लिए तैयार होंगी| विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पेट्रोलियम पदार्थ GST के दायरे में आते हैं तो इनकी कीमत पर लगाम लग जाएगी|

पेट्रोलियम उत्‍पादों को रखा गया था GST से बाहर 

गौरतलब है की साल 2017 में जब GST आया था तब सरकार ने 5 पेट्रोलियम उत्‍पादों- पेट्रोल, डीजल, क्रूड ऑयल, नेचुरल गैस और ATF को इसके दायरे से बाहर रखा था| बाद में इस लिस्ट में रसोई गैस, केरोसिन और नेप्था ऑयल को शामिल किया गया|

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन के पूर्व के बयान और अब पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के वर्तमान बयान से इस बात को काफी बल मिलता है की सरकार पेट्रोलियम पदार्थों को GST के दायरे में लाने के लिए प्रयासरत्त है| अगर राज्यों की सहमती प्राप्त कर इसे लागू करने में सरकार सफल हो जाती है तो इससे सिर्फ पेट्रोल की कीमते ही नहीं जेट फ्यूल के मूल्य में भी संसोधन होगा| इससे आर्थिक संकट से गुजर रहे एयरलाइन सेक्टर को भी काफी राहत मिलेगी इसकी उम्मीद है|