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प्याज की कीमतों पर लगेगा लगाम

खुदरा बाजार में प्याज की कीमत 100 रुपये

आसमान छूती प्याज की कीमतों पर लगेगा लगाम|महंगाई से परेशान देशवासियों को अब नहीं रुलाएगा प्याज|आसमान छूती प्याज की कीमतों पर नियंत्रण के लिए सरकार ने आयात का सहारा लिया है|देश में कई स्थानों पर खुदरा बाजार में प्याज की कीमत 100 रुपये तक पहुंच चुकी है।प्याज की कीमतों पर नियंत्रण के लिए सरकार तेजी से आयात के जरिए आपूर्ति बढ़ा रही है।

 बता दें अनियमित बारिश एवं बाढ़ की वजह से इस साल 30 से 40 फीसदी प्याज का उत्पादन प्रभावित हुआ है। आवक में कमी से प्याज की कीमतें 100 रुपये प्रति किलो के पार हो गई है।ये कीमतें सीधे तौर पर महंगाई को बढ़ावा देती हैं|इस परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए  उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने दुसरे देशों से  प्याज आयात की घोषणा की थी|सरकार प्याज के आयात से सहज आपूर्ति को सुनिश्चित करेगी।

भारतीय बंदरगाहों पर पहुंच रहा है प्याज:

उपभोक्ता मामलों सम्बंधित मंत्रालय ने अफगानिस्तान, मिस्र, तुर्की व ईरान में स्थित भारतीय दूतावासों से भारत को प्याज की आपूर्ति को सुविधाजनक बनाने का आग्रह किया था|उस पर कार्रवाई के परिणाम स्वरुप इन देशों से प्याज की आपूर्ति शुरू हो चुकी है|संवाद एजेंसियों के अनुसार 80 कंटेनर  प्याज भारतीय बंदरगाह पर पहुंच चुका है|जबकि  3000 टन रास्ते में है जो  जल्द ही खुदरा बाजार में पहुंच जाएगा।उपलब्ध कंटेनरों में 70 कंटेनर मिस्र से और 10 कंटेनकर नीदरलैंड से हैं।अन्य 3,000 टन 100 कंटेनरों से हाई सी के जरिए आ रहे हैं, जिसे भारतीय बंदरगाहों की तरफ लाया जा रहा है।इन कंटेनरों के भारत पहुँचने के साथ ही प्याज की उच्च कीमतों पर प्रभावी नियंत्रण की संभावना है|

एक हफ्ते में 45 प्रतिशत बढ़े दाम :

देश की राजधानी दिल्ली में पिछले एक हफ्ते में प्याज का खुदरा मूल्य 45 प्रतिशत बढ़कर 100  रुपये किलो के पार पहुंच गया है। चेन्नई में 70 रुपये किलो और मुंबई में 70 से 80  रुपये किलो बिक रहा है प्याज । सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, एक अक्टूबर को प्याज का भाव 55 रुपये किलो था। आकंड़ों के मुताबिक प्याज की कीमतों में पिछले साल की तुलना में करीब तीन गुना वृद्धि हुई है। नवंबर 2018 में खुदरा बाजार में प्याज का भाव 30-35 रुपये किलो था। केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने कहा कि सरकार हर संभव कोशिश कर रही है और नवंबर के अंत तक या दिसंबर की शुरुआत में कीमतें घट सकती हैं।