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शेयर बाज़ार ने नुकसान के साथ किया ‘प्रिंस पाइप्स’ का स्वागत

अपने लक्ष्य से 10% कम दाम पर लिस्टेड हुआ प्रिंस पाइप्स का शेयर

आपने अभिनेता अक्षय कुमार को अपने टीवी पर प्रिंस पाइप्स का प्रचार करते तो जरुर देखा होगा, उसी प्रिंस पाइप्स ने शेयर बाज़ार में इंट्री ली है मगर अफ़सोस प्रिंस पाइप्स के शेयरों ने थोड़ी ठंडी ओपनिंग मिली| विगत समय में शेयर बाज़ार में लिस्टेड हुए अन्य शेयरों के विपरीत प्रिंस पाइप्स एंड फिटिंग्स के शेयर ने नुकसान के साथ प्रवेश किया| यह विगत कुछ समय में हुई सबसे ठंडी लिस्टिंग है| आज यानी 30 दिसंबर को पॉलिमर के पाइप्स और फिटिंग्स बनाने वाली कंपनी प्रिंस पाइप्स के  शेयरों की इंट्री BSE पर 160 रुपए के भाव पर हुई| यह इश्यू प्राइस के अपर बैंड 178 रुपए के मुकाबले 18 रुपए कम है| यानी शेयर इश्यू प्राइस से 10 फीसदी नुकसान पर लिस्ट हुआ| हालांकि लिस्टिंग के बाद शेयर का भाव 178 रुपए तक भी पहुंचा मगर फिर से गिरते हुए यह अभी 168 रूपए पर ट्रेड कर रहा है| NSE पर भी प्रिंस पाइप्स के शेयर BSE के जैसे 160 रुपए के भाव पर ही खुला|

ज्ञात हो कि 18 दिसंबर से 20 दिसंबर के बीच कंपनी ने सब्सक्रिप्शन के लिए अपना IPO खोला था| कंपनी की IPO के जरिए 500 करोड़ रुपए जुटाने की योजना है| इसमें 250 करोड़ रुपए का फ्रेश इश्यू और 250 करोड़ रुपए का ऑफर फॉर सेल था| कंपनी का फाइनल इशू प्राइस 178 रुपए प्रति शेयर था|

कैसी रही शेयर की चाल

प्रिंस पाइप्स एंड फिटिंग्स के आईपीओ में 10 रुपए अंकित मूल्य वाले शेयरों के लिए प्राइस बैंड 177-178 रुपए रखा गया था| हालांकि शेयर की ओपनिंग 160 रुपए पर ही हुई| लिस्टिंग के बाद लिस्टिंग के पहले ही दिन इंट्रा डे में कंपनी के शेयरों ने जहां 178 रुपए का हाई भी टच किया, वहीं 152.60 रुपए का न्यून भी देखने को मिला| फिलहाल अभी शेयर 168 रुपए के भाव पर कारोबार कर रहा है|

क्या करें निवेशक?

ट्रेडिंग बेल्स के सीनियर एनालिस्ट संतोष मीना का कहना है कि प्रिंस पाइप्स एंड फिटिंग्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग उम्मीद के अनुसार ही रही है| यह इश्यू प्राइस से 10 फीसदी डिस्काउंट पर लिस्ट हुआ| इस भाव पर शेयर अट्रैक्टिव दिख रहा है लेकिन कंपनी के कॉरपोरेट गवर्नेंस को लेकर चिंता दिख रही है| जहां तक निवेश की बात है कि निवेशकों को प्रिंस पाइप्स एंड फिटिंग्स की बजाए दूसरे क्वालिटी स्टॉक की ओर देखना चाहिए|

निवेशकों को यह भी बता दें कि JM फाइनेंशल और एडलाइस फाइनेंशल सर्विसेस प्रिंस पाइप्स के IPO का प्रबंधन कर रहे हैं| प्रिंस पाइप्स के विनिर्माण संयंत्र दादर एवं नगर हवेली, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और राजस्थान में अवस्थित हैं| IPO आने से पूर्व प्रिंस पाइप ने एंकर निवेशकों से करीब 150 करोड़ रुपए जुटाए हैं| नियामक को दी गई जानकारी के मुताबिक, कंपनी ने आठ एंकर निवेशकों को 84.26 लाख शेयर 178 रुपए के प्रति शेयर के भाव पर आवंटित किए हैं|

प्रिंस पाइप्स के बारे में

प्रिंस पाइप्स एंड फिटिंग्स मुंबई बेस्ड लीडिंग पॉलिमर पाइप्स एंड फिटिंग्स मैन्युफैक्चरर है, जो देश के दूसरे हिस्सों में भी अपने बिजनेस के विस्तार में लगी है| कंपनी का अपने क्षेत्र में बाजार हिस्सेदारी 5 फीसदी है| कंपनी की मौजूदा इंस्टाल्ड कैपेसिटी 241,211 TPA है| कंपनी की प्लानिंग दिसंबर 2019 तक राजस्थान में 14000 MTPA बढ़ाने की है| वहीं साल 2021 तक तेलंगना में 52,000 MTPA बढ़ाने की है| कंपनी को इस क्षेत्र में 30 साल का पुरान अनुभव है|

प्रोडक्ट रेंज

कंपनी के प्रोडक्ट रेंज की बात करें तो अभी 7167 स्टॉक कीपिंग यूनिट है| ये प्रोडक्ट प्लंबिंग, इरीगेशन, स्वॉइल, वेस्ट और रेन वाटर मैनेजमेंट में इस्तेमाल होते हैं| कंपनी के 6 मैन्युफैक्चरिंग प्लरांट अलग अलग क्षेत्र में हैं| कंपनी के देशभर में करीब 1300 डिस्ट्रीब्यूटर हैं|

प्रॉफिट एंड लॉस

फाइनेंसियल एक्सप्रेस के रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2013 से 2019 के दौरान कंपनी के रेवेन्यू और PAT में 12% और 13% CAGR के हिसाब से ग्रोथ रही है| कंपनी का औसत EBITDA और नेट मार्जिन इस दौरान 11% और 4% रहा है| IPO का प्राइस बैंड 177-178 रुपए रखा गया है| अपर प्राइस बैंड पर कंपनी का मार्केट कैप 1850 करोड़ रुपये दिख रहा है| IPO से मिली रकम से कंपनी का प्लान कर्ज कम करने के अलावा बिजनेस का विस्तार करना है|

प्रिंस पाइप्स और फिटिंग्स का आधार और बही खाते को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि भले ही कंपनी के शेयर नुकसान के साथ लिस्टेड हुए हो मगर इनमे बढ़त आएगी, इसकी पूरी संभावना है| IPO निवेशकों से इतर खुदरा निवेशकों के लिए यह एक अवसर हो सकता है, क्योंकि ज्यादा मूल्य में लिस्टिंग होने से उनके पास शेयरों के खरीददारी की संभावनाएं कम हो जाती है| अभी कंपनी के शेयरों के मूल्य में उतार-चढाव है मगर एक बार स्थिरता आने पर यह ग्रोथ भी कर सकता है|