Arthgyani
होम > न्यूज > प्रॉपर्टीज की कीमत 25% घटाने पर भी खरीदार नहीं: एयर इंडिया

प्रॉपर्टीज की कीमत 25% घटाने पर भी खरीदार नहीं: एयर इंडिया

देश की अधिकतर एयरलाइन कंपनियां घाटे में चल रही हैं

मंदी की मार ने देश के हर सेक्टर को झकझोर कर रख दिया है। टेक्सटाइल सेक्‍टर, ऑटो सेक्टर, एफएमसीजी, के बाद एविएशन इंडस्‍ट्री भी आर्थिक मंदी की मार से बेहाल है। हालात काफी बिगड़ते दिखाई दे रहे हैं। देश की अधिकतर एयरलाइन कंपनियां कर्ज के बोझ में दबी हैं या फिर घाटे में चल रही हैं।

बता दें कि एयर इंडिया पर कुल 58,000 करोड़ रुपये का कर्ज है और इसे चुकाने के लिए एयरलाइंस को सालाना 4,000 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। कर्ज के बोझ से दबी एयरलाइन एअर इंडिया खरीदारों को आकर्षित करने के लिए अपनी कुछ प्रॉपर्टीज की कीमत 25 प्रतिशत घटायी है इसके बावजूद भी खरीदार आकर्षित नहीं है। इससे पहले एयर इंडिया ने प्लॉट, अपार्टमेंट्स और कमर्शल टावर सहित कई रियल एस्टेट को टेंडर के जरिए बेचने की कोशिश की थी, लेकिन उसमें असफलता मिली। हालांकि, अभी तक कंपनी ने 32 प्रॉपर्टीज को बेचकर लगभग 1,000 करोड़ रुपये ही जुटाए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, एअर इंडिया के अधिकारी का कहना है की, ‘मंदी के कारण प्राइम प्रॉपर्टीज के लिए खरीदार नहीं मिल रहे। मुंबई की प्रॉपर्टी प्राइम लोकेशन पर है और प्राइस 25 पर्सेंट घटाने के बावजूद बायर नहीं मिल रहे हैं। इसी तरह अमृतसर में एक प्रॉपर्टी छठी कोशिश में बेची जा सकी है। हालांकि एअर इंडिया को विदेश में अपनी प्रॉपर्टी बेचने में सफलता मिली है। इसने तोक्यो, हॉन्गकांग, लंदन और मॉरीशस में प्रॉपर्टी बेची हैं। लंदन में एक ऑफिस स्पेस 45 करोड़ रुपये में बेचा गया है, जबकि तोक्यो और हॉन्गकॉन्ग में फ्लैट्स एक्सटर्नल अफेयर्स मिनिस्ट्री ने खरीदे हैं। कंपनी ने हाल ही में मुंबई के पाली हिल्स में 2,000 वर्ग मीटर के एक प्लॉट की कीमत घटाई थी। इससे पहले इस प्लॉट को 200 करोड़ रुपये में बेचने की छह बार कोशिश।

कंपनी के विनिवेश पर चर्चा के लिए मंत्रियों के समूह (GOM) की गुरुवार को मीटिंग में इस मुद्दे पर चर्चा की जायेगी। एअर इंडिया की कुछ प्रीमियम प्रॉपर्टीज को सरकार भी खरीद सकती है। इनमें मुंबई के नरीमन पॉइंट की बिल्डिंग और दिल्ली में 30 एकड़ में बनी एअर इंडिया हाउसिंग सोसायटी शामिल हैं। इससे मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कर्ज चुकाने में किया जाएगा।

अधिकारी का यह भी कहना है की, ‘दिल्ली के वसंत विहार में हाउसिंग कॉम्प्लेक्स को अर्बन डिवेलपमेंट मिनिस्ट्री को सौंपा गया है। इसी तरह सभी बड़ी ट्रांजैक्शंस सरकार के हस्तगत होगी। बेस प्राइस को भी अधिक रखा है जिससे बाजार से कम कीमत पर प्रॉपर्टीज बेचने के आरोपों से बचा जा सके।

एअर इंडिया ने लगभग दो वर्ष पहले 111 प्रॉपर्टीज को बेचकर करीब 9,500 करोड़ रुपये जुटाए थे। प्रॉपर्टी को बार-बार बेचने की कोशिश की, लेकिन किसी खरीदार ने दिलचस्पी नहीं दिखाई।