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फ्लाइट लेट होने या कैंसिल होने पर आप मुआवज ले सकते हैं

एयर पैसेंजर्स को अपने अधिकारों के बारे मे सजग होना चाहिए।

देखा गया है कि ज़्यादातर भारतीय यात्री फ्लाइट सर्विसेज में कमी से होनेवाली दिक्कतों के लिए मुवाअजे की मांग करते ही नहीं हैं जबकि ये उनका अधिकार है। विदित हो कि अगर आपकी फ्लाइट कैंसल हो जाती है या वह काफी लेट हो जाती है या ओवरबुकिंग के चलते आपको फ्लाइट लेने से रोक दिया जाता है तो आप एयरलाइन से मुआवजा मांग सकते हैं। लेकिन इसमें सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि बहुत से यात्रियों को पता ही नहीं है कि वे किस बात के लिए और किस तरह क्लेम कर सकते हैं।

नवभारत टाइम्स से मिली जानकारी के अनुसार दुबई की मार्टिन कंसल्टिंग एलएलसी के चीफ एग्जिक्युटिव ऑफिसर मार्क मार्टिन के मुताबिक, ज्यादातर भारतीय हवाई यात्री दुविधा में होते हैं कि उन्हें एयरलाइन कंपनी से जवाब तलब करने का अधिकार है या नहीं। अगर उनका सामान खो जाता है तो उसके लिए वे कहां और किस तरह शिकायत कर सकते हैं? मार्टिन की इंडियन एविएशन सेक्टर के बारे में सबसे बड़ी शिकायत है कि इंडिया में ट्रैवल डिस्प्यूट ट्राइब्यूनल नहीं है जिसके कारण मुआवजे के लिए हर पैसेंजर को सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ता है, जबकि कोर्ट जाने का मतलब निपटारा प्रक्रिया में 3-4 साल लगना तय है।
भारतीय यात्री एविएशन सेक्टर के एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसके चलते इंडियन एयरलाइन इंडस्ट्री को अनपेड हर्जाने के तौर पर तकरीबन 100 करोड़ डॉलर सालाना की बचत हो रही है।

एयर पैसेंजर्स के अधिकार

  1. अगर ओवरबुकिंग के कारण बोर्डिंग फसिलटी नहीं दी जाती है और दूसरी फ्लाइट में भी सीट ऑफर नहीं की जाती है तो पैसेंजर 20,000 रुपये तक के मुआवजे का दावा कर सकता है।
  2. अगर किसी फ्लाइट में पैसेंजर को जाने की अनुमति नहीं दी जाती है, तो उसे एक घंटे के भीतर वैकल्पिक उड़ान की पेशकश करनी होगी।
  3. फ्लाइट कैंसल की सूचना नहीं मिलने पर भी मुआवजा मांगा जा सकता है साथ ही इस दौरान पैसेंजर को मुफ्त खाना और रिफ्रेशमेंट देना जरूरी है।
  4. उड़ान में 24 घंटे से अधिक की देर होने पर यात्री के ठहरने के साथ एयरपोर्ट आने-जाने की भी व्यवस्था करनी होगी।
  5. उड़ान भरने से कुछ समय पहले फ्लाइट कैंसल होने पर पैसेंजर 10,000 रुपये तक का मुआवजा या किराए की पूरी रकम में से जो भी कम हो, उसका हकदार होगा।

‘एयरसेवा’ पर कर सकते हैं शिकायत

नवंबर 2018 में एविएशन मिनिस्टर ने शिकायतों के निपटारे के वास्ते ‘एयरसेवा’ नाम से एक डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है जिसके द्वारा पैसेंजर्स एयरलाइन की सर्विसेज से जुड़ी किसी भी तरह की शिकायत कर सकते हैं, सूचना और मुआवजा लेने की प्रक्रिया की जानकारी भी मांग सकते हैं।

ग़ौरतलब है कि एविएशन इंडस्ट्री की तेज ग्रोथ के साथ ही इसकी सर्विसेज को लेकर शिकायतें भी बढ़ रही हैं। डीजीसीए के आकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2019 में पैसेंजर से जुड़ी 701 शिकायतें आई थीं, जो पिछले साल 669 थी। इनमें 47.8 पर्सेंट शिकायतें उड़ान से जुड़ी थीं, जबकि 21 पर्सेंट मामले सामान और 20.1 पर्सेंट मामले कस्टमर सर्विसेज को लेकर थे।