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बजट पूर्व परामर्श में निर्यात विकास फंड की मांग

निर्यातकों ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को अपनी समस्याओं से अवगत कराया

हमें एमएसएमई के अंतर्राष्ट्रीयकरण के लिए डबल टैक्स डिडक्शन स्कीम लाने की जरूरत है, जिससे एमएसएमई को उसके कर योग्य आय के खिलाफ कटौती की अनुमति दी जाए।ये विचार भारतीय एक्सपोर्ट फेडरेशन (एफआईईओ) के अध्यक्ष अजय सहाय ने मंगलवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के समक्ष रखे| गौरतलब है 2020-21 के आगामी बजट के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री ने सभी वर्गों से परामर्श लेने की घोषणा की थी|ये परामर्श बैठक उसी घोषणा के अनुपालन में की गयी थी|

ऐतिहासिक पहल:

विदित हो कि वित्त वर्ष 2020-21 के लिए बजट जनवरी में आने वाला है|इस बजट के लिए वित्त मंत्री ने सभी से परामर्श लेने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है|उन्हें उम्मीद है कि सभी के सुझावों एवं सहमती से बने बजट के द्वारा अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित किया जा सकता है|सोमवार से शुरू हुई परामर्श बैठक में शमिक होने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सभी वर्ग समूहों एवं उद्यमियों को आमंत्रित किया था|

इन विषयों पर हुई चर्चा:

बैठक में अर्थव्यस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई|वित्त मंत्री ने सभी के सुझावों को ध्यान से सुना|बैठक के दौरान चर्चा के प्रमुख विषय विनियामक वातावरण का निजी निवेश पर प्रभाव, बढ़ती संरक्षणवादी प्रवृत्ति के बीच निर्यात को बढ़ावा देने के उपाय, औद्योगिक उत्पादन, लॉजिस्टिक्स, मीडिया व इंटरटेनमेंट सर्विसेज व आईटी व आईटी सक्षम सेवाएं आदि शामिल रहे। इस चर्चा सत्र के दौरान उद्यमियों ने वित्त मंत्री को भारतीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उद्योग, सेवा और व्यापार क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने व्यापार करने में सहजता को लेकर कई सुझाव दिए। इसके साथ ही साथ अनुपालन बोझ, कर मुकदमेबाजी में कमी, कम जोखिम वाले उद्योग में स्व-प्रमाणन की अनुमति देना व इक्विटी कैपिटल पर लागत में कटौती जैसे सुझाव भी प्रमुखता से दिए गए।

ये रही मांग:

इस बैठक में निर्यातकों ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को अपनी समस्याओं से अवगत कराया|उद्यमियों ने इस सन्दर्भ में कुछ सुझाव एवं मांगें भी प्रस्तुत की|आम बजट 2020-21 के संबंध में उद्योग, सेवा और व्यापार समूहों के प्रतिनिधियों  ने एमएसएमई के अंतर्राष्ट्रीयकरण के लिए डबल टैक्स डिडक्शन स्कीम लाने की जरूरत पर जोर दिया|व्यापारियों ने एमएसएमई को उसके कर योग्य आय के खिलाफ कटौती की अनुमति के तहत 2,00,000 डॉलर की अधिकतम सीमा रखने का सुझाव दिया,जिससे निवेश व कर कटौती सीमित हो।इसके साथ ही उन्होंने निर्यात विकास फंड की मांग की।

इनकी रही सहभागिता:

बैठक में वित्त मंत्री के नेतृत्व में वित्त व कॉरपोरेट मामलों के राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, वित्त सचिव राजीव कुमार, आर्थिक मामलों के सचिव अतनु चक्रवर्ती, राजस्व सचिव अजय भूषण पांडेय, पर्यटन मंत्रालय के सचिव योगेंद्र त्रिपाठी, डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटर्नल ट्रेड सचिव गुरु प्रसाद महापात्रा, डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स एंड सीबीडीटी के सचिव अनूप वधावन, सीबीआईसी चेयरमैन सहित सीईए के.वी.सुब्रह्मण्यम ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई|