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बजट से पहले हो सकती है शेयर बाजार से जुड़े टैक्स में कटौती

Equity पर "एक टैक्स" के विकल्प पर विचार किया जा रहा है।

सीएनबीसी से मिली जानकारी के अनुसार भारत सरकार की मंशा, शेयर बाजार से जुड़े टैक्स में कटौती करने की बन रही है। बजट या बजट से पहले भी सरकार इसका ऐलान कर सकती है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक Equity पर “एक टैक्स” के विकल्प पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए Equity, Debt, Commodities के टैक्स पर समीक्षा कर रही है, साथ ही लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG), शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG), सेक्युरिटीज़ ट्रांज़ैक्शन टैक्स (STT) आदि सभी तरह के टैक्स पर समीक्षा भी जारी है। Dividend distribution tax (DDT) को पूरी तरह से ख़त्म करने पर भी विचार विमर्श किया जा रहा है। इस विषय पर Department of Economic Affairs और राजस्व विभाग की, प्रधान मंत्री कार्यालय में बैठक हो चुकी है।

सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर के टैक्स स्ट्रक्चर बनाने का प्लान कर रही है। विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से सरकार इस पर फोकस कर रही है। प्रधानमंत्री से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद शेयर से जुड़े टैक्स में कटौती का एलान संभव है। इसके लिए शेयर बाजार में टैक्स व्यवस्था का अध्ययन जारी है।

टैक्स कम होने से कंपनियों की प्रॉफिट ग्रोथ बढ़ेगी, जिससे डिमांड और ग्रोथ भी बढ़ने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का कहना है कि 1.45 लाख करोड़ रुपये के पैकेज से लार्ज कैप बैंकिंग, कंज्यूमर और सीमेंट कंपनियों को अधिक फायदा होगा। एक सर्वे में मुताबिक़ शेयर बाजार का सबसे बुरा दौर खत्म हो गया है। सर्वे में शामिल होने वाले फंड मैनेजरों और ब्रोकरेज के टॉप पिक्स में एक्सिस बैंक, ICICI बैंक, HDFC बैंक, ACC और ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज शामिल हैं।
फंड मैनेजरों और एनालिस्टों ने ये भी कहा है कि इस साल के अंत तक निफ्टी 12,000-12,500 के बीच रहेगा। यह मौजूदा स्तर से 11 प्रतिशत ऊपर है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कॉर्पोरेट टैक्स को 30 से घटाकर 22 प्रतिशत करने के बाद शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी 5 प्रतिशत उछाल आया था।