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बजट 2020 – माननीय राष्ट्रपति का आर्थिक सर्वेक्षण को लेकर अभिभाषण

हमारी सरकार ने लोकतान्त्रिक सशक्तिकरण का यह बेहतरीन उदाहरण पेश किया है।

आज संसद के तत्वाधान में 2019 – 20 सत्र के बजट पूर्व आर्थिक सर्वेक्षण के अभिभाषण में राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने भारत के सार्थक कदम की सराहना करते हुए देश के नागरिकों का भी धन्यवाद किया।  

देश के वर्तमान आर्थिक परिदृश्य की ताज़ा आंकड़ों को जानने का बेहतरीन जरिया आर्थिक सर्वेक्षण होता है। आर्थिक सर्वेक्षण में सरकार पूरे साल के अपने तमाम आय और व्यय, लागतें, नई योजनायें, नए आर्थिक सम्बन्ध, नए निवेश इत्यादि का पूरा आंकड़ा संसद में पेश करती है जो जनता को अर्थात एक तरह से जनता के पैसों का हिसाब देना होता है।

संविधान राष्ट्रहित में सर्वोपरि

भारत माता के जय के उद्घोष और राष्ट्रिय गान के साथ राष्ट्रपति का अभिभाषण शुरू हुआ। अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति ने कहा आजादी के 75 साल बाद ये दशक भारत का बेहतरीन दशक रहा है। उन्होंने कहा कि आज देश गाँधी और नेहरु के सपनो को साकार करता हुआ निरंतर आगे बढ़ रहा है। संविधान की महत्ता पर विशेष बल देते हुए माननीय राष्ट्रपति ने कहा कि संविधान नागरिक के अधिकार देने के साथ कर्त्तव्य बोध भी कराता है और संविधान राष्ट्रहित में सर्वोपरि है।

तीन तलाक़ कानून

सरकार द्वारा किये गए कुछ विशेष क्षेत्रों में किये गए अथक प्रयासों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि हमने बीते 7 महीनो में संसदीय कार्य का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। बीते पांच वर्षो में देश ने अपने यहाँ चलती आ रही कई रुढियों और ग़लत नीतियों को तोड़ने का प्रयास किया है, और अनेक सुधार किये हैं। इसका सबसे बेहतरीन उदाहरण है तीन तलाक़ ख़त्म किया जाना।

उन्होंने इस सुधार का हवाला देते हुए बताया कि तीन तलाक़  ख़त्म करके एक कानून बनाया गया जो मुस्लिम महिलाओं के हित में है। विदित हो कि मुस्लिम महिलाओं का जीवन अत्यंत दुखद था क्योंकि तीन तलाक जैसे रिवाजों की बेड़ियों ने उनका जीवन सदैव असमंजस की स्थिति, डर, और सामाजिक रूप से अनिश्चिताओं से भर रखा था।

विकास के निर्माण का नया इतिहास

राष्ट्रपति ने यौन अपराधो पर कड़ी सजा का प्रावधान लागू किये जाने, महिलाओं और बच्चो के सुरक्षा पर नए नियम बनाये जाने के बारे में बताते हुए कहा कि हमारे देश में नारी सुरक्षा सदैव सर्वोपरि रहा है। उन्होंने कहा हम पुरातन संस्कृति का गौरव विकास के निर्माण का नया इतिहास लिखेंगे।

उन्होंने अपने अभिभाषण में तकनीकि विकास, लोजिस्टिक्स क्षेत्र और आवास योजना के बारे में बताते हुए कहा तकनीकि विकास और लोजिस्टिक्स के क्षेत्र में भारत का स्थान काफी ऊपर आया है। लोजिस्टिक्स में भारत का स्थान 10 अंक ऊपर आया है।  8 करोड़ लोगों को गैस कन्नेक्शन दिया गया, ढाई करोड़ लोगों तक गाँव में बिजली पहुंचाई गयी। वहीँ प्रधान मंत्री आवास योजना के २४ हज़ार घरों का जम्मू कश्मीर में निर्माण किया गया है। इससे  हमारे देश की जनता का जीवन स्तर काफी सुधार पा सका है।

सरकार के ऐतिहासिक कदम

कहना ग़लत नहीं है कि बीते साल में सरकार ने कुछ ऐतिहासिक कदम उठाये हैं, इनमे प्रमुख रहा  धारा 370 और 35 हटाया जाना.यह देश के लिए  सौभाग्य की बात है और  लोकतान्त्रिक सशक्तिकरण का यह बेहतरीन उदाहरण है।

महामहिम राम नाथ कोविंद विकास की परियोजनाओं में हुए कार्य की भी बात की. उन्होंने कहा विकास की नयी योजनओं को गति मिली है, करतारपुर साहिब का निर्माण,मजदूर किसान को पेंशन , दिल्ली में रह रहे अवैध कालोनियों के रहने वालो को मालिकाना हक, 15 करोड़ ग्रामीण घरों तक पेयजल पहुंचना, ये हमारी सरकार के सार्थक कदम हैं।