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बजट 2020 मे म्यूच्यूअल फंड को मिल सकती है मजबूती

2020 म्यूच्यूअल फंड को मिलेगी ताकत

एसोशिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री (एंफी) का मानना है कि  म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री को ताकत देने के लिए सरकार को बजट में बड़े बदलाव करने चाहिए। एंफी ने इसके लिए सरकार को कई प्रस्ताव पेश किए हैं। एंफी प्रमुख को उम्मीद है कि इन प्रस्तावों पर अमल करने से निवेश के दूसरे विकल्पों और म्यूचुअल फंड के बीच का अंतर खत्म होगा। इससे म्यूचुअल फंड की स्कीमें मे निवेश करने के लिए निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ेगी।

एंफी के सीईओ एन एस वेंकटेश ने कहा, एंफी बजट को लेकर पिछले कुछ सालों से अपने सुझाव देती रही है। इस बजट मे  हमें सरकार से पूरी उम्मीद है कि इस बार सरकार हमारी मांगें पूरी कर सकती है। इससे म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री मे अच्छी खासी   वृद्धि होगी और इससे  हमारी अर्थव्यवस्था भी काफी मजबूत होगी।

एसोशिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की सलाह

ईटी की ख़बरों के अनुसार एंफी ने सरकार को सलाह देते हुए कहा की सरकार को  ‘डेट लिंक्ड सेविंग्स स्कीम’ शुरू करनी चाहिए। उसने कहा है कि सरकार को  टैक्स छूट के लिए डेट लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (डीएलएसएस) में निवेश के लिए 1,50,000 रुपये की मंजूरी देनी चाहिए। इसका पांच साल का लॉक इन पीरियड होना चाहिए। उसने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि इससे छोटे निवेशकों को बॉन्ड बाजार में निवेश करने का अच्छा मौका मिलेगा।

म्यूचुअल फंड यूनिट्स को  ‘स्पेसिफायड लॉन्ग टर्म एसेट्स’ के रूप में अधिसूचित करने की मांग की गई है। इससे म्यूचुअल फंड यूनिट्स लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस के दायरे से बाहर आ जाएंगे।म्यूचुअल फंड की यूनिट्स और जीवन बीमा कंपनियों  में निवेश करने पर टैक्स के नियम एक जैसे होने चाहिए। सेबी ने भी कहा है कि एक जैसे उत्पादों के मामले में टैक्स के नियम भी एक जैसे ही होने चाहिए।

डेट म्यूचुअल फंडों पर डिविडेंड डिस्ट्रिब्यूशन टैक्स कम जाए। इसे कम कर के 22 प्रतिशत के कॉर्पोरेट टैक्स तक लाया जाना चाहिए। टैक्स घटाने से डेट म्यूचुअल फंडों में निवेश बढ़ेगा।टैक्स के लिहाज से ईटीएफ के होल्डिंग पीरियड को कम किया जाए। एलटीसीज के लिए अगर हम होल्डिंग पीरियड को 3 से घटाकर एक साल कर देते हैं तो निवेशको का गोल्ड ईटीएफ स्कीमों का आकर्षण बढ़ेगा।