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बायोकॉन बेंगलुरू संयंत्र इकाई का निरीक्षण प्रक्रिया संपन्न

भारतीय जैवभेषज बेंगलुरू संयंत्र के निरीक्षण में कोई भी खामी नहीं पाई गयी।

मेडिसिन के क्षेत्र में मशहूर बायोकॉन कम्पनी का बेंगलुरू संयंत्र इकाई का निरिक्षण पूरा हो गया है और इसमें कोई भी खामी नहीं पाई गयी। ज्ञात हो कि बायोकॉन लिमिटेड बंगलुरु में स्थित एक भारतीय जैवभेषज अर्थात बायो फार्मास्युटिकल कम्पनी है।

समाचार एजेंसी “भाषा” से ली गयी ख़बरों के अनुसार सोमवार को दवा बनाने वाली कंपनी “बायोकॉन” ने बताया कि अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन USFDA (The Food and Drug Administration of United States) ने उसकी अनुषंगी कंपनी  बेंगलुरू संयंत्र का निरीक्षण पूरा कर लिया है और इसमें कोई खामी नहीं मिली है। कंपनी ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को बताया कि एक नयी औषधि का संक्षिप्त आवेदन जमा करने के बाद यूएसएफडीए ने उसकी बंगलुरु स्थित विनिर्माण इकाई का अर्थात बंगलुरु बायोकॉन फार्मा के संयंत्र का निरीक्षण किया और यह निरीक्षण 13 जनवरी से 17 जनवरी 2020 के दौरान संपन्न हुआ।

फॉर्म 483 नहीं हुई जारी

इस निरीक्षण में कोई खामी नहीं पायी गयी। कंपनी ने कहा कि यह निरीक्षण बिना किसी टिप्पणी के पूरा हुआ है और यूएसएफडीए की तरफ़ से कोई फॉर्म 483 जारी नहीं किया गया है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हम गुणवत्ता और अनुपालन के वैश्विक मानकों को लेकर प्रतिबद्ध बने रहेंगे।’’

विदित हो कि निरीक्षण के दौरान विनिर्माण इकाई में किसी तरह की आपत्तिजनक स्थिति होने पर अमेरिकी नियामक, कंपनी के प्रबंधन को फॉर्म 483 जारी करता है। यह फॉर्म निरीक्षण के बाद जारी किया जाता है।

गौरतलब है कि बायोटेक्नोलॉजी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी बायोकॉन की संस्थापक, चेयरपर्सन एवं प्रबंध निदेशक डा. मजूमदार शॉ को फोर्ब्स पत्रिका ने दुनिया की सबसे ताकतवर 100 महिलाओं में रखा है। हालाँकि किरन मजूमदार-शॉ का कहना है कि वह फोर्ब्स के अमीरों की सूची पर अधिक ध्यान नहीं देती हैं।