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बिक्री कर / सेल्स टैक्स क्या है ?

सेल्स टैक्स एक प्रकार का अप्रत्यक्ष कर है

किसी वस्तु पर भरे जाने वाले कर को बिक्री कर / सेल्स टैक्स कहते हैं। यह एक प्रकार का अप्रत्यक्ष कर / Indirect Tax है। बिक्री कर आमतौर पर पूरे देश में किसी भी वस्तु पर लगता है और इसके लिए केंद्रीय सरकार तथा राज्य सरकार दोनों ही आदेश जारी करते हैं। हर देश की सरकार बिक्री कर को विभाजित करने के लिए खुद के सिद्धांतों का पालन करती है, फिर भी ज्यादातर देशों में सार्वभौमिक बिक्री कर/सेल्स टैक्स (Sales Tax) लागू किए जाते है।

  1. बिक्री कर / सेल्स टैक्स (Sales Tax) के मुख्य प्रकार
  2. खुदरा बिक्री कर(Retail sales tax)
  3. थोक बिक्री कर(Wholesale sales tax)
  4. निर्माता की बिक्री कर(Manufacturer’s sales tax)
  5. मूल्य वर्धित कर / VAT (Value added Tax)

केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम (Central Sales Tax Act), १९५६

बिक्री कर / सेल्स टैक्स (SalesTax) में कर लगाने से जुड़े सभी नियम तथा कानून, केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम (Central Sales Tax Act) में मौजूद है, जो भारत में बिक्री (Sales) कर से सम्बंधित सभी चीज़ें संभालती है। इस अधिनियम के मुताबिक, राज्यों में भरा गया बिक्री कर (SalesTax) , केंद्रीय सरकार इकठ्ठा कर सकती है।

राज्य सरकार द्वारा बिक्री कर :

विभिन वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए, मौजूदा राज्य सरकार के नियमों के अधीन, राज्य द्वारा बिक्री (Sales) पर अलग से कर लगाया जाता है। मूल्य वर्धित कर / Value added Tax, राज्य सरकार के लिए बहुत बड़ा आय का स्रोत है। और क्योंकि इनके दरों में समानता होती है इसलिए उत्पाद का मूल्य हर राज्य में अलग होता है।

आम भाषा में कहा जाए तो, वस्तु और सेवा पाने के लिए जो अतिरिक्त पैसे खर्चने पड़ते है, उसे बिक्री कर/सेल्स टैक्स (Sales Tax) कहते है।