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बीएसएनएल और एमटीएनएल को 69,000 करोड़ का पुनरुद्धार पैकेज

एमटीएनएल का बीएसएनएल में होगा विलय

लम्बे समय से वित्तीय संकट से जूझ रही सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनियों बीएसएनएल और एमटीएनएल को सरकार ने दी बड़ी राहत|सरकार ने इन दोनों  69,000 करोड़ रुपए के पुनरुद्धार पैकेज को बुधवार को मंजूरी दे दी।इसके अंतर्गत एमटीएनएल का बीएसएनएल में विलय, संपत्तियों की बिक्री या पट्टे पर देना, कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) और 4G स्पेक्ट्रम आवंटन की पेशकश भी शामिल है।

बता दें ये निर्णय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में किया  गया। दूरसंचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने पैकेज से जुड़ी जानकारियां साझा करते हुए कहा कि भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) में महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) के विलय को मंजूरी दे दी है।विलय प्रक्रिया पूरी होने तक एमटीएनएल प्रमुख दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल की अनुषंगी के रूप में काम करती रहेगी।

मोदी सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसले के तहत घाटे में चल रही bsnl पुनरुद्धार पैकेज में कंपनियों द्वारा 15,000 करोड़ रुपए का कर्ज जुटाने के लिए सरकार की गारंटी, 4 जी स्पेक्ट्रम खरीदने के लिए 20,140 करोड़ रुपए की पूंजी डालना, कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति देनदारी सहित वीआरएस के लिए 29,928 करोड़ रुपये और जीएसटी के तौर पर 3,674 करोड़ रुपए की राशि दिये जाने जैसे फैसले शामिल है। सरकारी गारंटी वाले बांड जारी करने से प्राप्त राशि का उपयोग ऋण पुनर्गठन और अन्य खर्चों को पूरा करने में किया जाएगा।बीएसएनएल में करीब 1.68 लाख कर्मचारी हैं जबकि एमटीएनएल के करीब 22,000 कर्मचारी हैं।कर्मचारियों की सेवानिवृति के तौर पर दी जाने वाली राशि में कंपनी के 50 प्रतिशत कर्मचारी शामिल हो सकते हैं।

प्रसाद ने बताया  कि बीएसएनएल और एमटीएनएल के मामले में सरकार का रुख स्पष्ट है। ये भारत की सामरिक संपत्तियां हैं। सेना के पूरे नेटवर्क का रखरखाव बीएसएनएल द्वारा किया जाता है। वीआरएस पैकेज के तहत पात्र कर्मचारियों को 60 वर्ष की आयु तक कंपनी की सेवा करके अर्जित होने वाली आय का 125 प्रतिशत मिलेगा। वीआरएस पूरी तरह से स्वैच्छिक है, कोई भी इसे अपनाने के लिए बाध्य नहीं कर सकता है। दोनों कंपनियों पर कुल 40,000 करोड़ रुपए का कर्ज है, जिसमें से आधा कर्ज एमटीएनएल का है। यह सिर्फ दिल्ली और मुंबई में परिचालन करती है। दोनों कंपनियां बाजार में प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए लंबे समय से स्पेक्ट्रम की मांग कर रही थी ताकि 4 जी सेवा शुरू की जा सके।

इक्विटी शेयर के बदले स्पेक्ट्रम :

दूरसंचार मंत्री ने बताया  कि बीएसएनएल को इक्विटी शेयर के बदले 14,115 करोड़ रुपए का स्पेक्ट्रम आवंटन होगा और एमटीएनएल को तरजीही शेयरों के एवज में 6,295 करोड़ रुपए का स्पेक्ट्रम आवंटन किया जाएगा। सरकार तीन साल की अवधि में बीएसएनएल और एमटीएनएल की 37,500 करोड़ रुपए की संपत्ति का मौद्रीकरण करते हुए उसकी बिक्री करेगी या फिर पट्टे पर देगी।