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बैंक जमा बीमा की राशि में वृद्धि के साथ प्रीमियम में भी होगा इजाफा: RBI

बैंक जमा पर पांच लाख रुपए का बीमा कवर 4 फरवरी 2020 से हो गई लागू: RBI

पिछला साल भारतीय बैंकिंग सेक्टर के लिए बहुत अच्छा नहीं रहा| कई सारे बैंकों के दिवालिया होने की खबरे आई| लोगों को अपने जमा धन के निकासी में बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ा| लोगों का बैंकों के अंदर जमा धन के वापसी पर संदेह होने लगा| फलतः घरों में कैश रखने की प्रवृति में इजाफा होने के आसार बढ़ रहे थे| इसी विश्वास को कायम करने के उद्देश्य से बजट 2020 में निर्मला सीतारमण ने घोषणा की थी कि अब बैंक जमा पर बीमा की राशि को 1 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रूपए किया जाता है|

RBI ने त्वरित कार्रवाई करते हुए किए लागू 

बजट की इस उद्घोषणा पर त्वरित कार्रवाई करते हुए रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने इस मंगलवार यानी 4 फरवरी 2020 से इसे लागू भी कर दिया| अर्थात अब आपके बैंकों में जमा धन में से 1 लाख नहीं बल्कि 5 लाख रूपए सुरक्षित हो गए हैं| इस नियम के आते ही यह प्रश्न तैरने लगा कि क्या इससे बैंकों या आम जन पर कोई बोझ बढेगा?

इस प्रश्न का उत्तर देते हुए RBI के डिप्टी गवर्नर बी कानूनगो ने कल बृहस्पतिवार को बताया कि जमा बीमा पांच गुना बढ़ाकर 5 लाख रुपए करने से बैंकों के बही खाते पर असर नहीं पड़ेगा| ज्ञात हो कि हाल ही में पंजाब एंड महाराष्ट्र कॉअपरेटिव (PMC) बैंक समेत कई सहकारी बैंकों के विफल होने को देखते हुए बजट में निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम (DICGC) को बीमा दायरा एक लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए करने को मंजूरी दी गई है|

प्रीमियम 10 पैसे/100 रूपए से बढ़ाकर 12 पैसे होने की संभावना 

मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए कानूनगो ने कहा कि, ‘हमने जो प्रीमियम पर विचार किया है, उससे यह फिलहाल 10 पैसा से बढ़कर 12 पैसा प्रति 100 रूपए हो जाएगा| अत: इससे बैंकों के बही-खतों पर असर नहीं होगा| ज्ञात हो कि बैंकों में जमा करने वाले लोग लंबे समय से जमा बीमा दायरा बढ़ाने की मांग कर रहे थे|

हाल में PMC बैंक में संकट के बाद इसकी मांग और जोर पकड़ ली| हालांकि RBI समेत सरकार ने PMC के जमाकर्ताओं के धन वापसी का आश्वासन दिया है, मगर उसकी निकासी की मात्रा को फिलहाल नियंत्रित रखा गया है| PMC बैंक से इतर भी कुछ घटनाएं हुई हैं जिससे बैंक में राशि जमाकर्ताओं का विश्वास डगमगाया हुआ था | बताते चलें कि पिछले साल अकेले सिर्फ महाराष्ट्र में ही 30 से अधिक सहकारी बैंक दिवालिया घोषित हुए हैं|

रिजर्व बैंक की पूर्ण अनुषंगी DICGC पूर्व में बैंक जमा पर एक लाख रुपए का बीमा उपलब्ध कराता था, भले ही जमाकर्ता के खाते में कितनी भी राशि क्यों न जमा हो| इसी राशि को बढ़कर 4 फरवरी से 5 लाख रूपए कर दिया गया है| जबकि RBI समेत सरकार अभी भी प्रीमियम इजाफे के बारे में कोई निर्णय नहीं ले पाई है| उम्मीद है कि इसपर जल्द ही निर्णय होगा और आम जन पर इसका कोई बोझ नहीं पड़ेगा|