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कोर्ट ने विजय माल्या की संपत्ति बेच कर ऋण वसूली पर लगाई 18 दिसंबर तक की रोक

स्पेशल कोर्ट ने SBI सहित कई अन्य बैंकों को विजय माल्या की संपत्ति को बेचकर कर्ज वसूली करने की दी इजाजत, मगर 18 दिसंबर तक कार्रवाई पर रोक

एक समय देश के अग्रणी उधोगपति और अब भगोड़े घोषित हो चुके विजय माल्या के बारे में बड़ी खबर आई है| मुंबई की एक विशेष अदालत ने बुधवार 1 जनवरी को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की अगुवाई वाले 15 बैंकों के गठजोड़ को उनके ऋण की वसूली के लिये पूर्व शराब कारोबारी विजय माल्या की संपत्तियों का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है| इन संपत्तियों को विशेष धन शोधन रोधक कानून (PMLA) के तहत अदालत ने 2016 में कुर्क कर अपने अधिकार में रखा है|

हालांकि PMLA कोर्ट ने साथ में यह भी कहा है कि 18 जनवरी तक इस फैसले पर रोक लगाई जाती है| यह रोक इसलिए लगाई गई है कि 18 जनवरी तक प्रभावित पक्षों को बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील दायर करने का समय दिया गया है|

धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग का है आरोप

2016 में जब PMLA कोर्ट ने माल्या की संपत्ति जब्त की थी तो उस समय माल्या को प्रकट रूप से अपराधी भी घोषित हो गया था| इन संपत्तियों में यूनाइटेड बेवरेजेज होल्डिंग्स लि. (UBHL) के शेयर भी सम्मिलित हैं| विजय माल्या पर बैंकों से धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है|

ज्ञात हो कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता के तहत कोई अदालत उस समय चल संपत्तियों की कुर्की का आदेश देती है जबकि संबंधित व्यक्ति को अपराधी घोषित कर दिया जाता है| यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ वॉरंट जारी किया गया है और अदालत को लगता है कि संबंधित व्यक्ति जानबूझकर उस पर अमल नहीं कर रहा है तो उसे अपराधी घोषित कर दिया जाता है|

प्रवर्तन निदेशालय ने दी है सशर्त नीलामी की अनुमति 

पिछले साल फरवरी में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने PMLA कोर्ट को बताया था कि उसे संपत्तियों की नीलामी से कोई समस्या नहीं है| बता दें कि विजय माल्या पर जिन बैंकों का कर्ज बकाया है, उसमें SBI प्रमुख बैंक है| संपत्ति बेच कर कर्ज वसूली के बारे में ED ने कोर्ट से कहा है कि वह बैंकों को इस बात की गारंटी लेने को कहे कि बाद में अगर केस में विजय माल्या की जीत होती है तो बैंक्स सारे पैसे कोर्ट या ED को लौटा देंगे| ज्ञात हो कि PMLA ऐक्ट के मुताबिक कुछ मामलों में ट्रायल के दौरान भी प्रॉपर्टी का हक लौटाया भी जा सकता है|

हाईकोर्ट जाने पर प्रक्रिया लंबी खींचने की संभावना 

बता दें कि विजय माल्या ने मार्च 2016 में भारत छोड़ दिया था और तब से ही वह यूनाइटेड किंगडम (UK) में रह रहा है और फिलहाल वह UK की हाई कोर्ट से मिली जमानत पर रिहा है| पिछले साल PMLA कोर्ट के द्वारा विजय माल्या को आर्थिक भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद से बैंकों, ED और माल्या पक्ष के बीच संपत्ति बिकवाली को लेकर कोर्ट में रस्साकस्सी चल रही है| बैंकों ने विजय माल्या को जो पैसे लोन के रूप में दिए हैं, वह करीब 6,203.55 करोड़ रुपए हैं| अब बैंकों को 2013 से अब तक 11.5 फीसदी ब्याज जोड़कर ये धन वसूली करनी है, जो लगभग 11 हज़ार करोड़ रूपए हो जाती है|

अभी फिलहाल के लिए कोर्ट ने बैंकों को अनुमति देकर भी 18 दिसंबर तक बैंकों से किसी कार्रवाई पर रोक लगा दी है, अगर माल्या पक्ष के वकील हाईकोर्ट जाने का निर्णय करते हैं तो यह प्रक्रिया अभी और लंबी खींचने की संभावना है|