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भारत की अर्थव्यवस्था आज भी मजबूत स्थिति में है:मोदी

82 हजार करोड़ निवेश होने की संभावना

भारत की अर्थव्यवस्था आज भी मजबूत स्थिति में है क्योंकि सरकार ने इसकी बुनियाद को कमजोर नहीं होने दिया है|आज भारत में विकास की गाड़ी नई सोच, नई अप्रोच के साथ चार पहियों पर चल रही है। इसमें एक पहिया सोसायटी का, जो इंस्पायरिंग है।दूसरा पहिया सरकार का है जो नए भारत के लिए इनकरेजिंग है। तीसरा पहिया उद्योग का है जो डेयरिंग है तथा चौथा पहिया ज्ञान का है, जो शेयरिंग है।इन चार पहियों पर हम तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं।ये बातें पीएम नरेंद्र  मोदी ने धर्मशाला में राइजिंग हिमाचल ग्लोबल इन्वेस्टर मीट के उद्घाटन अवसर पर कही।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज सरकार भारत के हित व समाज की आकांक्षाओं के अनुसार फैसले ले रही है।पहले इस तरह के ग्लोबल इन्वेस्टर मीट देश के कुछ शहरों में ही आयोजित होते थे लेकिन अब स्थिति बदल गई है।हिमाचल टूरिज्म के क्षेत्र में पूरा फायदा उठाने के लिए पात्र है। पहले 70 से 75 लाख विदेशी पर्यटक आते थे लेकिन अब यह आंकड़ा एक करोड़ पार कर गया है। देश में विदेशी मुद्रा का आंकड़ा भी दो लाख करोड़ पहुंच गया है।

परमिट राज का शिकार न हों निवेशक:

पीएम ने राज्यों को  नसीहत देते हुए कहा  कि अब राज्य भी निवेशकों को अपने यहां आकर्षित  करने के लिए एक दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा में आ गये हैं।राज्य सरकारें निवेशकों को बेहतर सुविधाएं देने पर विशेष ध्यान देने लगी हैं। निवेशक के लिए ये आवश्यक है कि उसे उपयुक्त कारोबारी पर्यावरण मिले, इंस्पेक्टर राज से मुक्ति मिले।हर मोड़ पर सरकार के परमिट राज का शिकार न हो निवेशक। कानूनों में बदलाव हो रहा है, गैर जरूरी नियमों को समाप्त करने की दिशा में कदम उठाये जा रहे हैं। अगले पांच वर्ष के दौरान पांच लाख करोड़ रुपए के सार्वजनिक आधारभूत ढांचा कोष का लाभ हिमाचल प्रदेश को भी मिलेगा। प्रधानमंत्री ने ऑग्रेनिक खेती के मामले में हिमाचल प्रदेश को सिक्किम से सीख लेने की सलाह भी दी।

82 हजार करोड़ निवेश होने की संभावना:

हिमाचल में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए पहली बार देवभूमि में ग्लोबल इन्वेस्टर मीट (निवेशक सम्मेलन) आयोजित किया गया है|दो दिवसीय इन्वेस्टर मीट में देश-विदेश के नामी उद्योग घरानों के उद्योगपतियों सहित 1,720 प्रतिनिधि शरीक हो रहे हैं|मोदी सरकार द्वारा आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर मीट में चार बड़े सेक्टर समेत सभी क्षेत्रों में करीब 82 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव पर मुहर लगेगी|इस बीच अभी तक 583 एमओयू साइन किए गए हैं| इसमें ऊर्जा के 15 एमओयू से 27,812 करोड़, पर्यटन के 192 एमओयू से 14,955 करोड़, उद्योग के 207 एमओयू से 13,682 करोड़ और हाउसिंग के 32 एमओयू से 12,277 करोड़ निवेश होने की संभावना है| हिमाचल सरकार को उम्मीद है कि इस निवेश से प्रदेश के पौने दो लाख लोगों को रोजगार मिलेगा|