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भारत की GDP वृद्धि दर होगी 4.3%

एनबीएफसी संकट के कारण घरेलू ऋण उपलब्धता की स्थिति गंभीर

भारतीय अर्थव्यवस्था की मुश्किलें फिलहाल कम होने का नाम नहीं ले रहीं|राजकोषीय घाटा और गिरती जीडीपी की दर से संभलने में अर्थव्यवस्था को अभी कुछ वक्त लगेगा|इन परिस्थितियों  को देखते हुए 5 ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था के निर्माण का सपना फिलहाल दूर नजर आ रहा है|विभिन्न रेटिंग एजेंसियों के बाद वित्तीय सेवा प्रदाता कम्पनी नोमुरा ने भी इस सन्दर्भ में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की है|इस रिपोर्ट में भारतीय अर्थव्यवस्था की चुनौतियों और वृद्धि दर पर विस्तार से प्रकाश डाला गया है|

क्या कहती है रिपोर्ट?

जापान की वित्तीय सेवा प्रदाता कंपनी नोमुरा ने भारतीय अर्थव्यवस्था के समक्ष चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की है| नोमुरा की मुख्य अर्थशास्त्री (भारत एवं एशिया) सोनल वर्मा के अनुसार ‘‘गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) का संकट लंबा खींच जाने के कारण घरेलू ऋण उपलब्धता की स्थिति गंभीर बनी हुई है.”रिपोर्ट के अनुसार, इस साल दिसंबर तिमाही में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 4.3 प्रतिशत रह सकती है|नोमुरा ( NOMURA) का मानना है कि वर्ष 2020 की पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर में मामूली सुधार होगा और यह 4.7 प्रतिशत रह सकता है| नोमुरा का मानना है जीडीपी में सुधार के आवश्यक प्रयास करने आवश्यक हैं|

सुधार में विलम्ब हो रहा है:

भारतीय अर्थव्यवस्था के सन्दर्भ में अपना व्यक्त करते हुए सोनल ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ‘‘वित्त वर्ष के हिसाब से हमें जीडीपी वृद्धि दर वित्त वर्ष 2019-20 में 4.7 प्रतिशत तथा वित्त वर्ष 2020-21 में 5.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है|इससे पता चलता है कि सुधार में विलंब हो रहा है तथा इसकी गति 2020 के अंत तक संभावित गति की तुलना में कम रह सकती है|” एशिया 2020 परिदृश्य पर चर्चा करते हुए सोनम ने कहा कि,रिजर्व बैंक 2020 की दूसरी तिमाही में नीतिगत दर में कटौती कर सकता है|फरवरी 2020 की मौद्रिक नीति समीक्षा में रिजर्व बैंक द्वारा दर को स्थिर बनाये रखने का अनुमान है|

और गिरावट की आशंका:

नोमुरा की रिपोर्ट में भारतीय GDP वृद्धि दर में और गिरावट की आशंका व्यक्त की गयी|बाजार का मानना है कि देश की जीडीपी वृद्धि दर अपने निचले स्तर पर आ चुकी है और अब आगे इसमें सुधार होगा| नोमुरा का मानना है कि वृद्धि दर में अभी और गिरावट आ सकती है|उसने देश की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 2019 के लिये 5.3  प्रतिशत से घटाकर 4.9 प्रतिशत, 2020 के लिये 6.3 प्रतिशत से घटाकर 5.5 प्रतिशत और 2021 के लिये 6.5 प्रतिशत का अनुमान व्यक्त किया है|