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मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स जल्द ही पेश करेगी अपना आईपीओ

सेबी से मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स को आईपीओ लाने मंजूरी मिल गई।

इंडियन रेलवे की आईआरसीटीसी के बाद अब एक और सरकारी कंपनी अपना पब्लिक इश्यू लॉन्च करने जा रही है। मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स जल्द ही अपना आईपीओ लाने जा रही है। इसके लिए कंपनी को भारतीय पूंजी बाजार नियामक सेबी से आईपीओ पेश करने की इजाजत मिल गई है। ज्ञात रहे किसी भी कंपनी को आईपीओ, एफपीओ और राइट इश्यू लाने के लिए सेबी की ओर से मंजूरी की जरूरत होती है।

मझगांव डॉक एक सरकारी कंपनी है जो पनडुब्बी, युद्धपोत और समुद्री जहाज बनाती है। इस क्षेत्र में यह सरकार की सबसे बड़ी कंपनी है और देश की रणनीतिक जरूरतों को पूरा करती है।

मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लाने के लिए बाजार नियामक सेबी के समक्ष अगस्त 2019 में दस्तावेज जमा किए थे। सेबी की तरफ से शिपबिल्डर्स को 13 दिसंबर 2019 को मंजूरी प्राप्त हुई। सेबी में जमा किए दस्तावेज के मुताबिक, सरकार आईपीओ माध्यम से मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स में अपने 2.8 करोड़ शेयर बेचेगी।

एक नज़र

  • मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स अपने आईपीओ पेश करने जा रही है।
  • मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स में अपने 2.8 करोड़ शेयर बेचेगी।
  • सेबी की तरफ से शिपबिल्डर्स को 13 दिसंबर को मंजूरी मिल गयी है।
  • आईपीओ दोनों ही प्रमुख स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट किए जाएंगे।
  • यह आईपीओ सरकार के इस साल के विनिवेश लक्ष्य का हिस्सा हो सकता है।
  • वित्त वर्ष 2019-20 में सरकार का 1.05 लाख करोड़ रुपये के विनिवेश का लक्ष्य है।

इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार इश्यू के प्रबंधन की जिम्मेदारी यस सिक्योरिटीज, आईडीएफसी सिक्योरिटीज, एक्सिस कैपिटल, जेएम फाइनेंशियल और एडलवाइज फाइनेंशियल सर्विसेज को दी गई है। कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई, दोनों ही प्रमुख स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट किए जाएंगे।

यह आईपीओ सरकार के इस साल के विनिवेश लक्ष्य का हिस्सा हो सकता है। वित्त वर्ष 2019-20 में सरकार ने 1.05 लाख करोड़ रुपये के विनिवेश का लक्ष्य रखा है।