Arthgyani
होम > न्यूज > महंगाई के आंकड़े बढ़ा देंगे सरकार की चिंता

महंगाई के आंकड़े बढ़ा देंगे सरकार की चिंता

खुदरा मुद्रास्फीति की दर दिसम्बर, 2019 में 7.35 प्रतिशत पर

भारतीय अर्थव्यवस्था इस समय विभिन्न चुनौतियों से जूझ रही है|1 फरवरी 2020 को पेश होने वाले बजट में इन सभी चिंताओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा|जन अपेक्षाओं के अनुरूप बजट तैयार करने के लिए इस बार बजट पूर्व परामर्श बैठक का आयोजन किया गया|वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण चाहती हैं कि इस बजट में वर्ग एवं उद्योग के लोगों की आशाओं का प्रतिनिधित्व किया जाये|ऐसे वक्त खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़े मोदी सरकार की चिंताओं में इजाफ़ा करेंगे| सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार खुदरा मुद्रास्फीति की दर दिसम्बर, 2019 में जोरदार तेजी के साथ 7.35 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई है।ये आंकड़े बताते हैं आने वाले दिनों महंगाई आम आदमी के लिए मुश्किल का सबब बनने जा रही है|

खाद्य वस्तुओं में तेजी से महंगाई बेलगाम:

महंगाई वर्ष दर वर्ष जनता कि समस्या बनती जा रही है| वर्तमान आंकड़ों में प्रदर्शित खुदरा मुद्रास्फीति का उछाल खाद्य वस्तुओं की कीमतों में आयी तेजी के कारण है| मुख्य रूप से सब्जियों टमाटर प्याज और दालों की आसमान छूती कीमतों के बीच दिसम्बर 2019 में खुदरा महंगाई दर साढ़े पांच साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई| जबकि खाद्य पदार्थों की खुदरा महंगाई दर छह साल से ज्यादा के उच्चतम स्तर 14.12 % तक जा पहुँची। विदित हो खुदरा महँगाई दर लगातार पांचवें महीने बढ़ी है।इसके अलावा खाद्य वस्तुओं की खुदरा महंगाई की दर लगातार 10वें महीने बढ़ी है। सरकार द्वारा आर्थिक सुस्ती की बात स्वीकार करने के बाद महंगाई के ये आंकड़े चिंताजनक हैं।आंकड़े बताते हैं मोदी सरकार के कार्यकाल में यह पहला मौका है जब खाने-पीने की चीजों के दाम आम आदमी के लिए आतंक बन गये हैं।

भारतीय रिजर्व बैंक की बढ़ेगी चिंता:

महंगाई के आंकड़े निश्चित रूप से RBI के लिए भी बड़ा सिरदर्द साबित होंगे| वर्तमान आंकड़े भारतीय रिजर्व बैंक के संतोषजनक स्तर से कहीं अधिक है। केंद्र सरकार ने रिजर्व बैंक को मुद्रास्फीति को चार प्रतिशत (दो प्रतिशत ऊपर या नीचे) के दायरे में रखने का लक्ष्य दिया है। सोमवार को प्रस्तुत महंगाई के आंकड़े केंद्रीय बैंक के लक्ष्य से कहीं अधिक हो गये हैं| खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी की वजह से खुदरा मुद्रास्फीति में उछाल आया है। ज्ञात हो कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा मुद्रास्फीति नवम्बर, 2019 में 5.54 प्रतिशत और दिसम्बर, 2018 में 2.11 प्रतिशत के स्तर पर थी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार दिसम्बर में खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति बढ़कर 14.12 प्रतिशत पर पहुंच गई। दिसम्बर, 2018 में यह शून्य से 2.65 प्रतिशत नीचे थी।जबकि नवम्बर, 2019 में यह 10.01 प्रतिशत पर थी।