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महाराष्ट्र की सियासत और बाजार की तबीयत

महाराष्ट्र के सियासी समीकरणों पर है निवेशकों की नजर

घरेलू शेयर बाजार में पिछले सप्ताह निवेशकों की  मुनाफावसूली के कारण आखिरी दो सत्रों में कमजोरी के कारण सेंसेक्स और निफ्टी तकरीबन सपाट बंद हुआ, जबकि सप्ताह के दौरान सेंसेक्स फिर नई उंचाई 40,816.38 तक उछला था।भारतीय शेयर बाजार की तबीयत इस सप्ताह विदेशी संकेतों के साथ-साथ घरेलू कारकों से भी तय होगी|जिनमें महाराष्ट्र के ताजा घटनाक्रम पर निवेशकों की विशेष निगाह रहेगी|इसके अतिरिक्त नवंबर महीने के फ्यूचर एंड ऑप्शन अनुबंधों की समाप्ती से भी बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। बीते शुक्रवार को बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 30 शेयरों पर आधारित प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स महज 2.72 अंकों की साप्ताहिक बढ़त के साथ 40,359.41 पर बंद हुआ था जबकि निफ्टी 18.95 अंकों की सप्ताहिक बढ़त के साथ 11,914.40 पर रहा।

सियासत से प्रभावित होंगी विकास परियोजनाएं :

महाराष्ट्र के सियासी महाभारत पर यूं तो पूरे देश की निगाहें लगी हुई हैं|इसके अतिरिक्त भारतीय शेयर बाजार की तबीयत भी काफी हद तक इस पर निर्भर करेगी|तेजी से बदलते घटनाक्रम में,हालांकि महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के सहयोग से सरकार बना ली है|इसके बावजूद भी विधानसभा में बहुमत साबित करना मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के लिए बड़ी चुनौती होगी|अजीत पवार के समर्थन देने के बावजूद भी  राकांपा अध्यक्ष शरद पवार के भाजपा को समर्थन नहीं देने से नवनियुक्त सरकार के सामने विश्वासमत प्राप्त करने का बड़ा संकट है|सरकार न बनने की दशा में सरकार द्वारा शुरू की गयी विभिन्न परियोजनाओं का भविष्य अधर में लटक जाएगा|इनमे  बुलेट ट्रेन परियोजना से लेकर प्रदेश की दूसरी बुनियादी ढांचागत योजनाएँ शामिल हैं| जिनमें तेजी आने की उम्मीदों से बाजार में सकरात्मक रुझान देखने को मिल सकता है।हालांकि  महाराष्ट्र में भाजपा की अगुवाई में बनी सरकार पर छाए अनिश्चितता के बादल दूर होने की सूरत में बाजार में तेजी का रुझान रह सकता है| जिससे सेंसेक्स और निफ्टी नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की हलचल के साथ-साथ इस घटनाक्रम पर निवेशकों की निगाहें लगी हुई हैं|

वित्तीय आंकड़े एवं एफएंडओ अनुबंध:

बता दें कि  नवंबर सीरीज के एफएंडओ अनुबंध की एक्सपायरी गुरुवार को हो रही है|जिसके बाद कारोबारी दिसंबर सीरीज के अनुबंध में अपना पोजीशन बनाएंगे।इस सप्ताह जारी होने वाले आर्थिक आंकड़े भी निश्चित रूप से बाजार को प्रभावित करेंगे।विदित हो कि सप्ताह के आखिर में शुक्रवार को देश के इन्फ्रास्ट्रकचर के आंकड़े जारी होंगे। इसके अलावा, विदेशी बाजारों में जारी होने वाले आर्थिक आंकड़ों का भी असर देखने को मिलेगा।

अन्य प्रमुख कारण:

जैसा कि हम सभी जानते हैं शेयर बाजार की चाल बहुत से वाह्य कारकों पर निर्भर करती है|जिनमे फिलहाल दिल्ली में चल रहे संसद के शीतकालीन सत्र की गतिविधियाँ भी बाजार को प्रभावित करेंगी|संसद में पारित बिल एवं निवेश संबंधी निर्णयों का निवेशकों के रुझान पर सीधा असर पड़ता है|इसके अतिरिक्त  अमेरिका और चीन के बीच व्यापार वार्ता सकरात्मक दिशा में रहने एवं विदेशी बाजारों से तेजी के संकेत भी प्रमुख कारण हो सकते हैं| अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम और डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल का भी प्रभाव भी बाजार पर साफ़ तौर पर नजर आएगा|