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मैं भारत को लेकर प्रतिबद्ध हूं- अनिल अग्रवाल

भारत में 60,000 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद

मैं भारत को लेकर प्रतिबद्ध हूं| मैं पिछले 10 साल में 35 अरब डॉलर लगा चुका हूं| मैं हिंदुस्तान जिंक, बालको, सेसा गोवा और केयर्न समेत 13 कंपनियां खरीदी हैं और वे सभी अच्छा काम कर रही हैं|मुझे अगले 2-3 साल में भारत में 60,000 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद है| ये उद्गार वेदांता रिर्सोसेज के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने सोमवार को भारत आर्थिक सम्मेलन, 2019 में व्यक्त किये|

लाभ एक करोड़ डॉलर पहुंचाने का लक्ष्य:

भारत आर्थिक सम्मेलन, 2019 में वेदांता की भारत से संबंधित योजनाओं पर जोर देते अग्रवाल ने कहा कि,कंपनी अगले दो-तीन साल में करीब 60,000 करोड़ रुपये निवेश की योजना बना रही है| उन्होंने बताया कि कंपनी ने अगले चार-पांच साल में कारोबार बढ़ाकर 30 से 40 अरब डॉलर और लाभ एक करोड़ डॉलर पहुंचाने का लक्ष्य रखा है|

राष्ट्रीयकृत कंपनियों पर नजर है:

निवेशित राशि के उपयोग की ओर संकेत करते हुए अग्रवाल ने कहा कि कुछ सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में हिस्सेदारी खरीदने में यह राशि खर्च की जाएगी| उन्होंने कहा, ‘‘हमारी राष्ट्रीयकृत कंपनियों पर नजर है| मैं सरकार से कहना चाहता हूं कि उसे विदेशियों पर नहीं बल्कि हम जैसों पर निर्भर होना चाहिए | वे (विदेशी निवेश) पैसा बनाना चाहती हैं|अगर सरकार हम जैसों पर भरोसा करती है, हम विदेशी निवेश भी लाएंगे|”अग्रवाल ने कहा कि कंपनी ग्लास और आप्टिकल फाइबर तथा केबल उद्योग पर ध्यान दे रही है |वेदांता कंपनी की वृद्धि के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि 2024-25 तक हम 30 से 40 अरब डॉलर आय और 1 करोड़ डॉलर लाभ की उम्मीद कर रहे हैं|”

जानीये वेदांता का संछिप्त विवरण:

वेदांता रिसोर्सेज को भारत में सबसे बड़ी माइनिंग और नॉन फैरस मेटल्‍स कंपनी के तौर पर जाना जाता है।78,950 करोड़ रुपए रेवेन्‍यु वाली वेदांता रिसोर्सेज को पटना के केवल 10वीं पास अनिल अग्रवाल ने शुरू किया और अपनी बिजनेस स्किल्‍स के दम पर भारत के मेटल मुगल बन गए। आज वेदांता का कारोबार भारत, ब्रिटेन, जांबिया, नामीबिया, साउथ अफ्रीका, आयरलैंड, ऑस्‍ट्रेलिया आदि में फैला हुआ है।