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मॉनसून की मेहरबानी से बढ़ेगा खरीफ फसलों का उत्पादन

84 लाख टन से ज्यादा अनाज खरीफ फसलों की पैदावारी होगी

साल 2019 का मॉनसून खेती के लिए काफी फायदेमंद रहा है| इस वर्ष 84 फीसदी इलाकों में मॉनसून सामान्य रहा है| लेकिन काफी इलाकों में बारिश ने कहर भी मचाया| इसके बाद भी खरीफ फसलों के लिए मॉनसून अच्छा साबित हुआ है| खरीफ फसलों का इस वर्ष काफी मात्रा में उत्पादन हुआ है| नेशनल बल्क हैंडलिंग कॉरपोरेशन (एनबीएचसी) की रिपोर्ट के मुताबिक, 84 लाख टन से ज्यादा अनाज की पैदावारी होगी| साल 2019-20 के खरीफ फसल में कुल अनाज उत्पादन पिछले 5 सालों में औसत से 84 लाख टन से जयादा यानि कि 14 करोड़ 5.7 लाख टन तक पहुंचने का अनुमान है|

बता दें, इस बार धान की कुल खेती 2.80 फीसदी से अधिक रहने का अनुमान है| पंजाब में किसानों ने धान के 20-25 फीसदी खेती की है| डाटा के मुताबिक़ यह अनुमान किया जा रहा है कि खरीफ सीजन में 25 सालों के बाद इतना अच्छा उत्पादन देखने को मिला है|

मक्के की खेती से उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन कीटों की वजह से पैदावार में 5.75 फीसदी की गिरावट आ सकती है| ज्वार की खेती में  4.79 फीसदी और पैदावार में 0.61 फीसदी की गिरावट की उम्मीद है, जबकि बाजरे की खेती का रकबा 2.47 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन इसकी पैदावार में 4.69 फीसदी की गिरावट होने की उम्मीद है|

तिहलनी फसलों में भी मुनाफे की उम्मीद है 

  • घरेलू बाजार में अरंडी की बेहतर कीमत की वजह से अरंडी खेती का रकबा 5.32 फीसदी बढ़ने और पैदावार में 21.07 फीसदी का मुनाफा होगा|
  • तिल में 90 फीसदी और और सूरजमुखी में 2.32 फीसदी की कमी आने का अनुमान है| जबकि मूंगफली की पैदावार में 4.93 फीसदी  और राम तिल में 4.93 फीसदी का सुधार होने की संभावना है
  • सोयाबीन की खेती 5.68 फीसदी बेहतर होने की उम्मीद है|
  • कपास की खेती और उत्पादन क्रमश: 4.32 फीसदी और 9.99 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है|

दलहनी उत्पादनों में बढ़ोत्तरी की उम्मीद है 

  • अरहर खेती का रकबा 1.69 फीसदी बढ़ने और पैदावार में 21.27 फीसदी इजाफा होने की उम्मीद है, जबकि उड़द का उत्पादन 0.16 फीसदी कम रहने की उम्मीद है|
  • मूंग खेती के रकबे में 4.66 फीसदी का इजाफा, लेकिन मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान में खेतों में बाढ़ के कारण उत्पादन में 17.23 फीसदी की कमी होने का अनुमान है|