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मोबाइल हैंडसेट विनिर्माण उद्योग का निर्यात आठ गुना बढ़ा

मोबाइल हैंडसेट का निर्यात 11,200 करोड़ रुपये हुआ

मंदी से जूझती भारतीय अर्थव्यवस्था को राहत दे रहा है मोबाइल हैंडसेट विनिर्माण उद्योग|भारत अब मोबाइल फोन हैंडसेट का निर्यातक बन गया है। वित्त वर्ष 2019-20 में मोबाइल हैंडसेट का निर्यात आठ गुना बढ़कर 11,200 करोड़ रुपये मूल्य का हो गया, जो आयात की तुलना में अधिक है|यह पहली बार है जब किसी साल भारत का मोबाइल फोन हैंडसेट निर्यात, आयात के मुकाबले अधिक रहा है। एक्सपोर्ट में 10 से 15 पर्सेंट और घरेलू सेल्स में 5 से 10 की बढ़ोतरी की उम्मीद को देखते हुए   इस सेक्टर में अगले एक साल में लगभग 52,000 नौकरियों की सम्भावना भी बढ़ी है|

बता दें कि वित्त वर्ष 2018-19 में मोबाइल हैंडसेट का निर्यात आठ गुना से अधिक बढ़कर 11,200 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। यह पहली बार है जब मोबाइल हैंडसेट का निर्यात आयात से अधिक हो गया है। इंडियन सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) के अनुसार, अप्रैल से जुलाई 2019 के दौरान हैंडसेट निर्यात करीब सात हजार करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। इससे चालू वित्त वर्ष में हैंडसेट निर्यात का आंकड़ा 25 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच जाने का अनुमान है।

आईसीईए के चेयरमैन पंकज महेंद्रू ने कहा कि मोबाइल हैंडसेट विनिर्माण उद्योग में, 2017-18 की तुलना में 2018-19 में निर्यात में 800 फीसदी की तेजी देखने को मिली है। यह बेहतर भविष्य की दिशा में अच्छी शुरुआत है। आईसीईए के अनुसार, 2014-15 में देश में 5.80 करोड़ हैंडसेट का विनिर्माण हुआ जिनकी कुल कीमत 18,900 करोड़ रुपए थी। नोकिया संयंत्र के बंद होने के बाद हैंडसेट निर्यात लगभग शून्य पर आ गया था। 2018-19 में विनिर्माण बढ़कर 29 करोड़ इकाइयों पर पहुंच गया, जिनकी कुल कीमत 1.81 लाख करोड़ रुपए रही।महेंद्रू ने कहा, घरेलू मांग में आयात की हिस्सेदारी 2014-15 में करीब 80 फीसदी थी जो 2018-19 में गिरकर महज छह फीसदी रह गयी। इससे मोबाइल हैंडसेट आयात को शुद्ध रूप से शून्य करने का काम अधिक तेजी से पूरा होने की उम्मीद है।’यह सुनहरे भविष्य के लिए छोटी, लेकिन दमदार शुरुआत है। यह देश के लिए भी अच्छा है।

आगामी वर्ष में 52,000 रोजगार की संभावना:

अगले एक साल में हैंडसेट मैन्युफैक्चरर्स करीब 50,000 लोगों की भर्ती करेगी। यह भर्ती कॉन्ट्रैक्ट और एंट्री-लेवल की होगी। विदित हो कि सरकार ने  कॉर्पोरेट टैक्स को करीब 10 पर्सेंट घटाकर 25.17 फीसद कर दिया था। नई मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए यह सरचार्ज सहित 17.01 पर्सेंट है।इस कटौती के बाद हैंडसेट कंपनियां अब एंट्री लेवल पोजिशन पर भर्ती करने को तैयार हैं।ईटी से बातचीत में, कस्टाफिंग फर्म CIEL एचआर सर्विसेज के सीईओ और डायरेक्टर आदित्य नारायण मिश्रा ने बताया, ‘मोबाइल फोन और एक्सेसरीज मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में करीब 3.5 लाख लोग काम कर रहे हैं।टैक्स रेट में हालिया कटौती से हमें एक्सपोर्ट में 10 से 15 पर्सेंट और घरेलू सेल्स में 5 से 10 की बढ़ोतरी की उम्मीद है। ऐसे में इस सेक्टर में अगले एक साल में करीब 15 पर्सेंट या लगभग 52,000 नौकरियां भी बढ़ेंगी।’