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यूपीआई से हुए एक अरब भुगतान

कैशलेस अर्थव्यवस्था की मुहीम को बड़ी सफलता

मोदी सरकार की कैशलेस अर्थव्यवस्था की मुहीम को एक बड़ी सफलता मिली है|दिवाली और धनतेरस जैसे त्योहारों पर बड़ी संख्या में ग्राहकों ने डिजिटल ट्रांजैक्शन के माध्यम से भुगतान किया है|टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर महीने में अब तक यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए एक अरब ट्रांजैक्शन हुए हैं।इस रिपोर्ट से पता चलता है कि लोगों में डिजिटल पेमेंट के प्रति जागरूकता बढ़ी है|

नोटबंदी के बाद से देश में डिजिटल पेमेंट का प्रचलन तेजी से बढ़ा है। भारत सरकार भी लोगों को डिजिटल पेमेंट करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।विदित हो कि सरकार ने तीन साल पहले यूपीआई को लॉन्च किया था|जो अब डिजिटल ट्रांजैक्शन के लिए सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाला भुगतान विकल्प बन गया है।मीडिया की ख़बरों के मुताबिक अब लोग जल्द ही यूपीआई सिस्टम के जरिए विदेश में पेमेंट कर सकेंगे। इस पर नैशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने काम करना शुरू कर दिया है|बहुत जल्द ही इसकी शुरुआत सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात में हो जाएगी। यहां पर रुपे कार्ड की पहले ही शुरुआत हो चुकी है|बता दें कि  आरबीआई की डिजिटल पेमेंट पर नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में बनाई गई समिति ने सलाह दी थी कि नैशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया को भारत के बाहर रुपे कार्ड और यूपीआई जैसे पेमेंट सिस्टम का विस्तार करना चाहिए।

क्या है यूपीआई?

यूपीआई(UPI) की शाब्दिक व्याख्या है  यूनीफाईड पेमेंट इंटरफेस|ये पारंपरिक एनईएफटी या आईएमपीएस ट्रांसफर से अलग है।इसके अंतर्गत किसी बैंक खाते से किसी अन्य बैंक खाते में मोबाइल फोन के माध्यम से तुरंत पैसे भेजे जा सकते हैं। सरल शब्दों में कहें तो यूपीआई फंड ट्रांसफर की एक प्रकार की सुविधा है। इसके चलते स्मार्ट फोन के जरिए पेमेंट किया जा सकता है। यह इंटरनेट फंड ट्रांसफर के मेकनिजम पर आधारित है। फेसबुक और गूगल जैसी कंपनियां यूपीआई पेमेंट सिस्टम में आ गई हैं।