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ये आंकड़े तय करेंगे शेयर बाजार की चाल

बाजार राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय घटनाओं से भी प्रभावित होता है

शेयर बाजार इस महीने की शुरुआत से ही मजबूती के साथ आगे बढ़ता जा रहा है|सरकार की विभिन्न घोषणाओं का सकारात्मक असर साफ़ तौर पर बाजार पर देखा जा सकता है|बैंकिंग समेत विभिन्न सेक्टरों में मुनाफे से निवेशकों का उत्साह बढ़ा है|इसी उत्साह के कारण बिकवली भी काफी हद तक कम हो गयी है|बीते दिनों देश के बहुचर्चित मामले श्री राम जन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद आयी सकारात्मक प्रतिक्रियाओं का प्रभाव भी शेयर बाजार पर दिखाई दे सकता है|बाजार निवेशकों के साथ ही साथ राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय घटनाओं से भी प्रभावित होता है|एक निगाह डालते हैं उन कारकों पर जो बाजार को प्रभावित करते हैं|

प्रमुख आर्थिक आकड़े करेंगे प्रभावित:

भारतीय शेयर बाजार आंकड़ों से सीधे तौर पर प्रभावित है| इस सप्ताह जारी होने वाले प्रमुख आर्थिक आंकड़ों से तय होगी शेयर बाजार की चाल|

  • औद्योगिक व विनिर्माण क्षेत्र के उत्पादन के आंकड़े: सप्ताह के आरंभ में अपेक्षित औद्योगिक व विनिर्माण क्षेत्र के उत्पादन के आंकड़े बाजार पर सीधा असर डालेंगे|इन आंकड़ों से देश में सितंबर महीने में औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार की जानकारी मिलेगी|बता दें औद्योगिक उत्पादन किसी भी अर्थव्यवस्था का सर्वप्रमुख हिस्सा होते हैं|अतः इन आंकड़ों का प्रभाव बाजार पर देखने को मिलेगा।
  • प्रमुख कम्पनियों के वित्तीय आंकड़ें: इस महीने देश की कुछ प्रमुख कंपनियां अपने वित्तीय आंकड़े जारी करेंगे|इन आंकड़ों में कम्पनी के हानि लाभ का उल्लेख होता है|इन वित्तीय नतीजों में कंपनीयां मुख्यतः चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के अपने वित्तीय नतीजे की घोषणा करेंगी| निवेशक इन नतीजों के आधार पर बढती हुई कम्पनी में निवेश करना करते हैं|अतः इन आंकड़ों पर पर निवेशकों की निगाह बनी रहती है| अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकॉनोमिक जोन, कोल इंडिया और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज,ग्रासिम इंडस्ट्रीज और ओएनजीएस जैसी कंपनियाँ जारी करेंगी अपने  वित्तीय आंकड़े|
  • महंगाई दर के आंकड़े: सरकार द्वारा जारी होने वाले  थोक महंगाई दर के अक्टूबर महीने के आंकड़े भी बाजार पर असर डालेंगे|इन आंकड़ों के आधार पर भी निवेशक अपनी राय बनाते हैं| अतः इन आंकड़ों का इंतजार भी बाजार को रहेगा।
  • डालर व कच्चे तेल के भाव: डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल का प्रभाव भी बाजार को प्रभावित करेगा|इसके अलावा अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव से भी बाजार स्पष्टतया प्रभावित होगा|भारत विश्व के बड़े तेल आयातकों में शुमार है|अतः भारतीय अर्थव्यवस्था पर तेल की कीमतों से बुरी तरह प्रभावित होती है|

राजनैतिक स्थिरता का सकारात्मक प्रभाव:

निवेशक अस्थिर परिस्थितियों की बजाय स्थिर बाजार में निवेश को वरीयता देते हैं|बीते सप्ताह राम जन्मभूमि मालिकाना हक मामले में सुप्रीम कोर्ट का बहुप्रतीक्षित फैसला आने के बाद इस काफी पुराने मामले का अंत होने से देश में जो सकारात्मक माहौल बना है, उसका असर वित्तीय बाजार पर भी दिखेगा।इस फैसले के बाद देश में स्थिरता बढ़ेगी जो बाजार को प्रोत्साहित करेगी|इसका  विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों और घरेलू संस्थागत निवेशकों के निवेश रुझानों पर भी पड़ेगा|

अंतर्राष्ट्रीय कारकों का प्रभाव:

अमेरिका और चीन के बीच चल रही व्यापार प्रतिस्पर्धा से पूरा विश्व प्रभावित हुआ है|इस बीच  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि चीन के साथ व्यापार वार्ता सही दिशा में चल रही है लेकिन अमेरिका तभी चीन के साथ करार करेगा जब करार अमेरिका के लिए सही होगा।अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक समझौते की दिशा में होने वाली प्रगति पर बाजार की नजर बनी रहेगी। अमेरिका में अक्टूबर महीने के लिए बिक्री के आंकड़े शुक्रवार को जारी किए जाएंगे जिसके आधार पर वैश्विक निवेशक निवेश की अग्रिम योजनाएं बनायेंगे|