Arthgyani
होम > न्यूज > अर्थव्यवस्था समाचार > ‘राष्ट्रीय इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजना’ पर सरकार करेगी 102 लाख करोड़ रूपए खर्च

‘राष्ट्रीय इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजना’ पर सरकार करेगी 102 लाख करोड़ रूपए खर्च

सबसे ज्यादा आवंटन 2,454,249 करोड़ रूपए ऊर्जा क्षेत्र के लिए किया गया

सरकार ने अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए कमर कस ली है| इस सिलसिले की शुरुआत करते हुए सरकार ने सबसे पहले बहुतो सरकारी कंपनियों में भारी विनिवेश की तैयारी कर रखी है तो दूसरी तरफ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज इस साल के आखिरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में 102 लाख करोड़ रुपए के नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स (National Infrastructure Projects) की घोषणा की| आज इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के लिए 102 लाख करोड़ रूपए के बजट का तय किया है, जोकि अगले पांच सालों में विभिन्न परियोजनाओं पर खर्च किए जाएंगे| इस 102 लाख करोड़ रूपए फंड को 21 मंत्रालयों के बीच आवंटित किया जाएगा| इसमें से सबसे ज्यादा 25 लाख करोड़ रूपए उर्जा क्षेत्र के लिए आवंटित किया गया है|

केंद्र-राज्य की हिस्सेदारी 39-39 प्रतिशत

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस नए आधारभूत परियोजना में 39-39 फीसदी हिस्सेदारी केंद्र एवं राज्य सरकारों की होगी, जबकि शेष 22 फीसदी हिस्सा निजी क्षेत्र का होगा| वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कार्यबल ने ऊर्जा, रेलवे, शहरी सिंचाई, मोबिलिटी, एजुकेशन और हेल्थ क्षेत्र की परियोजनाओं को चिह्नित किया है| वित्त मंत्री ने कहा कि देश में इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास करना सरकार की प्राथमिकता है|

हर साल किया जाएगा ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट का आयोजन

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि देश में अगले पांच साल में 100 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया जाएगा| उन्होंने कहा कि 102 लाख करोड़ रुपये की राष्ट्रीय इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं (NIP) से साल 2024-2025 तक भारत को पांच ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने में मदद मिलेगी| उन्होंने कहा कि दुनियाभर के निवेशकों को देश में निवेश के लिए आकर्षित करने के वास्ते 2020 की दूसरी छमाही से सालाना स्तर पर वैश्विक निवेशक सम्मेलन (ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट) का आयोजन किया जाएगा|

परियोजनाओं को मॉनीटरिंग के लिए होगा कार्यबल का गठन

सीतारमण ने दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं को चिह्नित करने के लिए गठित कार्यबल ने 102 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाओं की सिफारिश की है| इसका लक्ष्य इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को बढ़ावा देना है| वित्त मंत्री ने कहा कि चिह्नित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मॉनीटर करने के लिए National Infrastructure Pipeline Coordination mechanism की शुरुआत की जाएगी| मंत्री ने कहा कि  तीन लाख करोड़ रुपए की और परियोजनाओं को इसमें शामिल किए जाने की संभावना है|

70 संबंद्ध पक्षों से विचार-विमर्श के बाद हुआ निर्णय

विदित हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रा दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 100 लाख करोड़ रुपए के निवेश की बात की थी| निर्मला सीतारमण ने इसके बारे में बात करते हुए कहा कि इसके लक्ष्य पूर्ति के लिए गठित कार्यबल ने चार माह में 70 संबंद्ध पक्षों से विचार विमर्श के बाद 102 लाख करोड़ रुपए की विभिन्न परियोजनाओं को चिह्नित किया है|

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले वर्षों का लेखाजोखा पेश करते हुए कहा कि केंद्र और सभी राज्य सरकारों ने पिछले छह सालों में इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर 51 लाख करोड़ रुपए खर्च किए हैं| यह देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 5-6% हिस्सा रहा|

सरकार ने इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 102 लाख करोड़ रूपए का आवंटन कर यह जता दिया है कि वह विकास को लेकर दृढसंकल्प है| किसी भी देश की उन्नति में इन्फ्रास्ट्रक्चर का बहुत योगदान होता है| किसी भी देश के विकास के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर आधार का कार्य करता है|