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रियल एस्टेट क्षेत्र में निजी इक्विटी निवेश 19 प्रतिशत बढ़ा

39,182 करोड़ रुपये पर पहुंचा निजी इक्विटी (पीई) निवेश

आर्थिक मंदी से जूझ रहे रियल एस्टेट को निजी इक्विटी निवेशकों ने दी राहत|चालू वित्त वर्ष के पहले 9 महीनों  में  19 प्रतिशत बढ़कर निजी इक्विटी (पीई) निवेश39,182 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है|प्रॉपर्टी परामर्शक कंपनी कुशमैन एंड वेकफील्ड ने भाषा को बताया कि विदेशी निवेशक लगातार वाणिज्यिक संपत्तियों का अधिग्रहण कर रहे हैं|जिसके कारण रियल एस्टेट क्षेत्र में पीई निवेश बढ़ा है|विगत जनवरी-सितंबर, 2018 में रियल एस्टेट क्षेत्र में पीई निवेश सिर्फ 32,890 करोड़ रुपये था|

कुशमैन एंड वेकफील्ड के कंट्री प्रमुख एवं प्रबंध निदेशक (भारत) अंशुल जैन ने कहा, ‘‘सालाना आधार पर निवेश गतिविधियों में 19 प्रतिशत का उछाल उद्योग के लिए सकारात्मक परिदृश्य को दर्शाता है|” कुशमैन के आंकड़ों के अनुसार समीक्षाधीन अवधि में कार्यालय संपत्तियों में पीई निवेश 18 प्रतिशत बढ़कर 20,757 करोड़ रुपये पर पहुंच गया| एक साल पहले समान अवधि में यह 17,535 करोड़ रुपये था|

इस दौरान आवासीय क्षेत्र में पीई निवेश 24 प्रतिशत घटकर 6,255 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले समान अवधि में 8,280 करोड़ रुपये था| वहीं खुदरा रियल एस्टेट क्षेत्र में पीई निवेश दोगुना से अधिक होकर 4,800 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो इससे पिछले साल की समान अवधि में 1,988 करोड़ रुपये था| आतिथ्य क्षेत्र यानी होटलों आदि में पीई निवेश 3,950 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले समान अवधि में 2,025 करोड़ रुपये थां|भंडारण एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में पीई निवेश 91 प्रतिशत बढ़कर 1,971 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले समान अवधि में 1,030 करोड़ रुपये था|

क्यों बढ़ा है निजी इक्विटी निवेश?

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 2019  में रेपो रेट (जिस दर पर केंद्रीय बैंक वाणिज्यिक बैंकों को पैसा उधार देता है) को कम कर दिया है।ऋण ब्याज दरों में गिरावट से आवास की मांग बढ़ने की संभावना है को देखते हुए पीई निवेशकों ने रियल एस्टेट में अपना निवेश बढाया है। आवासीय इकाइयों की मांग अभी भी पूरी तरह से निर्मित परियोजनाओं में उच्च है बड़े भारतीय शहरों में बेची गई इन्वेंट्री में से अधिकतर निर्माणाधीन परियोजनाएं हैं|इसलिए, निजी इक्विटी निवेशकों को लगता है कि विकसित किए जाने वाले प्रोजेक्ट्स में निवेश का  अच्छा अवसर है। पीई निवेशक पूरे विश्व में बाजारों में रुचि रखते हैं भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है बड़े बड़े शहरों में प्रमुख नीतिगत प्रस्ताव और बुनियादी ढांचा परियोजनाएं चल रही हैं, इसलिए अगले कुछ सालों में अर्थव्यवस्था में सुधार होने की उम्मीद है, जिससे रियल एस्टेट की मांग बढ़ेगी।प्रधानमंत्री आवास योजना की छूट से भी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स की बिक्री की संभावना बढ़ी है|