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रेलटेल कॉर्पोरेशन आईपीओ जनवरी 2020 तक पेश हो सकती है

सरकार रेलटेल कॉर्पोरेशन में अपनी 25 फीसदी हिस्सेदारी बेचने को तैयार

हाल ही में सरकार ने IRCTC का 645 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था जिसे प्राथमिक बाज़ार में ज़बरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी। यह इस वित्त वर्ष में लिस्ट होने वाली दूसरी सरकारी कंपनी थी।

अब केंद्र सरकार रेलटेल कॉर्पोरेशन में अपनी 25 फीसदी हिस्सेदारी बेचने को तैयार है। जल्द ही सरकार इसके लिए आईपीओ लाएगी। इसके लिए विज्ञापन एजेसिंयों की तलाश शुरू कर दी गयी है। विनिवेश विभाग ने कहा है, “सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन और विनिवेश विभाग (DIPAM) प्रतिष्ठित विज्ञापन एजेंसियों की सेवाएं चाहता है। ऐसी एजेंसियों के पास आईपीओ पेश करने का अनुभव और विशिष्ठ समझ होनी चाहिए। ऐसी एजेंसी को ही रेलटेल के आईपीओ का काम सौंपा जाएगा।” विज्ञापन एजेंसियों की लागत निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM ) और बुक रनिंग लीड मैनेजर्स (BRLM) को उठानी होगी।
सूत्रों के अनुसार, सरकार जनवरी 2020 के मध्य तक यह आईपीओ पेश कर सकती है। इस बारे में सरकार प्रस्ताव 28 नवंबर तक सौंप देगी।
रेलटेल देश भर में ब्रॉडबैंड और मल्टीमीडिया नेटवर्क सेवा प्रदान करने वाली एक सरकारी कंपनी है जिसे भारतीय उद्योग में मिनीरत्न का दर्जा हासिल है। यह न्यूट्रल टेलिकॉम इंफ्रास्ट्र्क्चर प्रदान करती है। रेलटेल देश की एकमात्र कंपनी है जिसके पास रेलवे ट्रैक बिछाने के साथ साथ ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क बिछाने का भी विशेष अधिकार प्राप्त है।

दिसंबर में आर्थिक मामलों के कैबिनेट समिति ने जिन छह सरकारी कंपनियों के विनिवेश को हरी झंडी दिखाई थी, इसमें रेलटेल भी शामिल थी। इस साल सरकार रेल विकास निगम (RVNL) के 12.12 फीसदी विनिवेश से 466 करोड़ रुपये जुटा चुकी है।