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वाणिज्य मंत्रालय: जिनका आयात कम हो ऐसे उत्पादों को चिह्नित करें

वित्त वर्ष 2018-19 में भारत के आयात में 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई जो कि बढ़कर 507.5 अरब डॉलर रही

भारत देश ऐसा देश है जहाँ सभी तरह की उत्पाद चीजों का आयात-निर्यात किया जाता है|आयत की जाने वाली वस्तुओं में इलेक्ट्रोनिक्स चींजें, कच्चा तेल, सोना, उर्वरक, दालें, मशीनरी औजार, आदि चीजें शामिल हैं| एजेंसी की खबर के मुताबिक़ वाणिज्य मंत्रालय ने दूरसंचार और कृषि सहित सभी मंत्रालयों और विभागों से उन उत्पादों को चिन्हित करने को कहा है जिनका आयात कम किया जा सकता है| अर्थात् उन चीजों के आयत के बजाय उत्त्पति का विकल्प देश में उपलब्ध हो| पिछले कई महीनों से इस मुद्दे पर बैठक चल रही है अब मंत्रालय इस मुद्दे पर कार्य शुरू करेगी।

दरअसल, वित्त वर्ष 2018-19 में भारत के आयात में 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई जो कि बढ़कर 507.5 अरब डॉलर रही|वहीं वर्ष 2017-18 में भारत में चीजों का आयत 465.6 अरब डॉलर था। भारत में आयात की जाने वाली चीजों में औषधियां, कच्चा तेल, सोना, उर्वरक वस्तुएं, मशीनी औजार आदि शामिल हैं। जबकि ज्यादा आयात होने से व्यापार में नुकसान बढ़ता है जिस वजह से चालू खाते के घाटे में गिरावट आती है। दूसरे देश से अधिक आयात करने पर देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर अत्यधिक असर पड़ता है।

भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (आईआईएफटी) के प्रोफेसर राकेश मोहन जोशी ने बताया कि, आयात पर अंकुश लगाने के लिये सरकार को खपत पर अंकुश लगाने के बजाए घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना चाहिए। लक्जरी और गैर-जरूरी चीजों के पर आयात शुल्क में वृद्धि की जा सकती है। इसके अलावा भारत को उन देशों के मुक्त व्यापार समझौते से बचना चाहिए जिनके साथ भारत का व्यापार घाटा अधिक है। व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने से देश के आयतक चीजों में कमी की जा सकेगी|