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वाणिज्य मंत्रालय ने दी दाल आयात अवधि बढ़ाने की सलाह

दाल आयात की अवधि 31 अक्टूबर 2019 से बढाकर 30 नवंबर

विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने आयातकों की बैठक में दलहन आयात में देरी होने की समीक्षा की| इसे मद्दे नजर रखते हुए उपभोक्ता मामलों विभाग ने वाणिज्य मंत्रालय को विदेशों में दाल आयात में देरी होने से इसकी अवधि एक महीने बढ़ाने की सलाह दी है| जिसे 31अक्टूबर 2019 से बढाकर 30 नवंबर करने की सलाह दी है| दलहन में अरहर, उड़द, मटर और मूंग शामिल हैं| बता दें, डीजीएफटी ने अक्टूबर के आरंभ में सूचित किया था कि, 31 अक्टूबर के बाद बंदरगाह पर पहुंचने वाली दालों को अनलोडिंग की अनुमति नहीं दी जायेगी।

केंद्र सरकार ने (2019-20 ) चालू वित्त वर्ष में चार लाख टन अरहर, डेढ़ लाख टन मूंग, डेढ़ लाख टन उड़द तथा डेढ़ लाख टन मटर के आयात की अनुमति दी है। चना और मसूर के आयात पर 30-60 फीसदी आयात शुल्क निर्धारित है।

विदित हो, इस वर्ष मध्य प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ के कारण उड़द की फसल को नुकसान हुआ है। इसलिए उड़द के आयात का कोटा डेढ़ लाख टन से बढ़ाकर ढाई लाख टन करने की मांग की है। वहीं अधिकारियों ने आयातकों द्वारा आयात सौदे और बंदरगाह पर पहुंची दालों की पूरी जानकारी मांगी है। उत्पादक मंडियों में उड़द, खरीफ मूंग की नई फसल की आवक शुरू हो गई है और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे भाव पर दालें बेचनी पड़ रही हैं। उत्पादक मंडियों में उड़द के भाव 5,400-5,500 रुपये प्रति क्विंटल चल रहे हैं, जबकि इस का एमएसपी 5,700 रुपये प्रति क्विंटल है। वहीं मूंग के भाव मंडियों में 5,800-6,000 रुपये प्रति क्विंटल हैं, जबकि एमएसपी 7,050 रुपये प्रति क्विंटल है।