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विदेशी कंपनियों को भारत में फैक्ट्री सेटअप का आमंत्रण

टेस्ला और फार्मास्युटिकल ग्लैक्सो स्मिथ क्लाइन जैसी बड़ी कंपनियां फैक्ट्री सेटअप में शामिल हैं

भारत सरकार कई महीनों से देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के कई प्रयास कर रही है| सभी क्षेत्रों में लाभ हो ऐसी नई-नई योजनायें भी लागू की गई हैं| चाहे वो लघु-कुटीर उद्योग हो या फिर आवासीय परियोजनाएं हों, उत्पादन के क्षेत्र से लेकर विद्युत, सरकार हर जगह कमी को पूरा करने की कोशिश में लगी है|ऐसे में ध्यान देने वाली बात यह है कि भारत सरकार GDP की दर को बढ़ाने के लिए हर तरह के प्रयास कर सकती है| ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन और अमेरिका के बीच चल रहे ट्रेड वॉर का फायदा उठाने के लिए भारत सरकार विदेशी कंपनियों को देश में आने का निमंत्रण दे सकती है।

विश्वभर की कंपनियों के फैक्ट्री सेटअप की योजनायें 

सरकार द्वारा विश्व की 324 बड़ी कंपनियों को भारत में फैक्ट्री सेटअप करने के लिए योजनायें बनाई जा रही हैं। डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड और इन्वेस्ट इंडिया द्वारा तैयार किए गए दस्तावेजों के मुताबिक़, भारत सरकार इन बड़ी कंपनियों को सेटअप करने के लिए लैंड के साथ सड़क, वाटर, और पॉवर भी उपलब्ध कराएगी| इन प्रस्ताव के तहत जिन विदेशी कंपनियों से बात की जाएगी उनमें ताईवान की होन हाई प्रिसिजन इंडस्ट्री, एली लिली एंड को, और दक्षिण कोरिया की हानवा केमिकल कॉर्प कंपनीयां शामिल है। साथ ही इन बड़ी कंपनियों की लिस्ट में एलन मस्क की टेस्ला और ब्रिटेन की फार्मास्युटिकल कंपनी ग्लैक्सो स्मिथ क्लाइन जैसी कंपनियां भी शामिल हैं। इन सभी क़दमों से सरकार अर्थव्यवस्था को गति देने में सफल होगी|

कंपनियों को मिलेगा इन्वेस्टमेंट और लोकेशन आधारित इन्सेंटिव 

भारत सरकार फैक्ट्री सेटअप की योजनाओं के तहत औद्योगिक क्लस्टर्स के लिए जमीन तैयार कराएगी|और विदेशी कंपनियों को इन्वेस्टमेंट और लोकेशन के आधार पर इन्सेंटिव भी मुहैया कराएगी| साथ ही एंटी-डंपिंग ड्यूटी को तर्कसंगत बनाएगी। कंपनियों को इस प्रस्ताव के तहत प्लग-इन और हाईब्रिड व्हीकल्स, फ्यूल एफिशियंसी और कार्बन टैक्सेशन के लिए भी छूट भी मिलेगी| इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकॉम सेक्टर के लिए लचीली नौकरियों और मैन्युफैक्चरिंग संबंधित इन्सेंटिव का प्रस्ताव रखा जायेगा।

2025 तक जीडीपी को 5 लाख करोड़ डॉलर का लक्ष्य  

सरकार के इस फैसले से वर्ष 2025 तक GDP को 5 ट्रिलियन तक पहुँचाने में सहायता मिलेगी| हालांकि इस नए प्रस्ताव से देश की अर्थव्यवस्था पर लगाम लगायी जा सकेगी| इन योजनाओं के तहत देश में रोजगार का स्तर बढ़ेगा, और बेरोजगारों स्तर घटेगा| सभी क्षेत्रों में हर किसी को रोजगार मिलेगा और देश तेजी से विकास कर सकेगा|

इस तरह 2025 तक सरकार देश की जीडीपी को 5 लाख करोड़ डॉलर का के लक्ष्य को पूरा कर सकेगी|