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विदेशी प्रभाव में लुढका भारतीय शेयर बाज़ार, निफ्टी-सेंसेक्स में भारी गिरावट

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के बिकवाली के रुख की वजह से देसी निवेशकों में भी डर का माहौल

चीन के कोरोना वायरस के प्रभाव से डरे हुए वैश्विक निवेशकों को देख कर भारतीय शेयर बाज़ार के निवेशकों में भी डर का वातावरण है| कल की बढ़त बनाने के बाद आज भारतीय शेयर बाज़ार के दोनों प्रमुख सूचकांकों में फिर से गिरावट का रुख देखने को मिला| जहां BSE के सेंसेक्स ने 284.84 अंकों की गिरावट के साथ 40,913.82 पर क्लोजिंग की, वहीं NSE के निफ्टी ने भी इसी रुख का पीछा करते हुए 93.70 अंकों के नुकसान के साथ 12,035.80 पर आज की क्लोजिंग की|

शुरुआत गिरावट के साथ

आज भारतीय शेयर बाज़ार में सुबह से ही गिरावट का रुख बन गया था| सुबह सेंसेक्स 180 अंक की बढ़त के साथ खुला और शुरुआती कारोबार में सारी बढ़त खोते हुए 254.69 अंक यानी 0.62 प्रतिशत गिरकर 40,943.97 अंक पर आ गया| इसी प्रकार निफ्टी भी शुरुआती दौर में 63.30 अंक यानी 0.52 प्रतिशत फिसलकर 12,066.20 अंक पर आ गया था|

भारतीय बाज़ार पर कोरोना वायरस का असर पड़ने है लगा

शेयर कारोबारियों के मुताबिक जनवरी के वायदा एवं विकल्प (F&O) सौदों की समाप्ति से पहले घरेलू शेयर बाजार में यह भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है| कारोबारियों ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर कोरोना वायरस का असर पड़ने की चिंताओं के बीच अन्य एशियाई बाजारों में गिरावट का रुख रहा| इसका असर घरेलू शेयर बाजार पर भी देखने को मिला|

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने की भारी बिकवाली

अगर एशिया के अन्य बाज़ारों की बात करें तो हांगकांग, जापान और दक्षिण कोरिया के बाजारों में गिरावट रही जबकि चीन में बाजार आज बंद रहे| शेयर बाजारों के पास मौजूद आरंभिक आंकड़ों के मुताबिक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने बुधवार को शुद्ध रूप से 1,014.27 करोड़ रुपए के शेयर बेचे जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक 1,520.90 करोड़ रुपये के शेयरों के शुद्ध खरीददार रहें|

विदित हो कि दो दिनों के लगातार गिरावट के बाद कल भारतीय शेयर बाज़ार में तेज़ी आई थी, मगर आज के बिकवाली के रुख ने फिर से उसे संशय की स्थिति में ला दिया है| भारतीय शेयर बाज़ार के इस उठा पटक का नकारात्मक प्रभाव उन निवेशकों पर पड़ रहा है जो शेयर बाज़ार में दीर्घकालिक निवेश के लिए आए हैं और यह उठापटक की पूरी प्रक्रिया उनके विश्वास को डांवाडोल कर रही है| अब सबकी निगाहें 1 फरवरी पर है जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट2020 पेश करेंगी| तब उसके बाद शायद शेयर बाज़ार में जो परिवर्तन आएंगे उसका रुख स्थाई रहेगा|