Arthgyani
होम > न्यूज > वित्त समाचार > विनिवेश प्राप्ति के लक्ष्य से काफ़ी पीछे है सरकार

विनिवेश प्राप्ति के लक्ष्य से काफ़ी पीछे है सरकार

अभी लक्ष्य से 92% दूर है सरकार

सरकार को चालू वित्त वर्ष में विनिवेश से अब तक 12,995.46 करोड़ रुपए प्राप्त हुए हैं, जिसमें आईआरसीटीसी के आईपीओ से प्राप्त 637.97 करोड़ रुपए भी शामिल हैं| जबकि सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 में विनिवेश से 1.05 लाख करोड़ रुपए हासिल करने का लक्ष्य रखा है| विनिवेश से प्राप्त रकम की यह जानकारी निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग से मिली|

IRCTC के आईपीओ ने बचाई लाज 

मनी भास्कर में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार आईआरसीटीसी के आईपीओ से प्राप्त धन से पहले सरकार को विनिवेश से 12,357.49 करोड़ रुपए की रकम प्राप्त हुई| इस साल पहलीबार सूचीबद्ध होने वाली कंपनियों में आईआरसीटीसी का प्रदर्शन काफी आकर्षक रहा है| बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर शुक्रवार को आईआरसीटीसी के शेयर का भाव 874 रुपए प्रति शेयर पर बंद हुआ और इसकी बाजार पूंजी अब 14,000 करोड़ रुपए हो गई है, जबकि पब्लिक ऑफरिंग से इसने मात्र 5,120 करोड़ रुपए की उम्मीद की थी|

BPCL पर है सभी की निगाहें

सरकार रेलवे की सहायक कंपनी रेलटेल कॉरपोरेशन की 25 फीसदी हिस्सेदारी आईपीओ के जरिए विनिवेश करने पर विचार कर रही है| सूत्रों ने बताया कि अगले साल जनवरी के मध्य में इसका आईपीओ बाजार में आएगा| बाजार विश्लेषकों की मानें तो बीपीसीएल में सरकार की 53.29 फीसदी की बिकवाली से 57,000 करोड़ रुपए जुटाया जा सकता है, जोकि सरकार के विनिवेश से प्राप्त राजस्व के लक्ष्य का 53.5 फीसदी होगा| हालांकि अभी तक बाजार ने भारत पेट्रोलियम में कोई खास रूचि नहीं दिखाई है|

दीपम के पास है सरकारी हिस्सेदारी के बिक्री की जिम्मेदारी 

पिछले महीने अक्टूबर में यूनियन कैबिनेट ने एक प्रस्ताव पास किया था| इस प्रस्ताव के तहत वित्त मंत्रालय के अधीन Department of Investment and Public Asset Management (DIPAM) को पीएसयू समेत सरकारी कंपनियों की रणनीतिक हिस्सेदारी की बिक्री के लिए नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है| दीपम ही सरकारी हिस्सेदारी बेचने के लिए पूरी प्रक्रिया को अंजाम देगी| आपको बता दें कि सचिवों के समूह ने एससीआई के अलावा भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल), कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (कॉनकोर), नीपको और टीएचडीसी में सरकारी हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव दिया है|

सरकार ने पिछले महीने मंगाए थे आवेदन

दीपम ने एससीआई, बीपीसीएल, कॉनकोर, नीपको और टीएचडीसी में सरकारी हिस्सेदारी बेचने के लिए पिछले महीने ही इच्छुक कंपनियों से आवेदन मंगाए थे| एससीआई में 63.75 फीसदी, बीपीसीएल में 53.29 फीसदी, कॉनकॉर में 30 फीसदी, नीपको में 100 फीसदी और टीएचडीसी में सरकारी हिस्सेदारी 75 फीसदी है| माना जा रहा है कि दीपम पहली तीन कंपनियों को निजी कंपनियों को बेचना चाहती है जबकि नीपको और टीएचडीसी को अन्य पीएसयू को बेचना चाहती है| इनकी संभावित खरीदार एनटीपीसी हो सकती है|

हालांकि अभी तक सरकार अपने लक्ष्य से काफी दूर है मगर IRCTC के आईपीओ के प्रदर्शन को देखते हुए भविष्य में लक्ष्य पूर्ति होने की बहुत संभावनाएं हैं| विदेशी निवेशकों के संभावित आगमन ने भी  उम्मीदों को बल दिया है|