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व्यापारिक दबाव समूह क्या हैं?

जानिए व्यापारिक दबाव समूह (Business Pressure groups) कौन-कौन से हैं और यह कैसे कार्य करते हैं?

व्यापारिक दबाव समूह क्या है, इसको जानने से पहले यह जानते हैं की दबाव समूह क्या होते हैं और यह किस तरीके से कार्य करते हैं|

दबाव समूह क्या हैं?

दबाव समूह, एक ऐसा संरचित समूह है जिसका लक्ष्य आम आदमी से संबधित हितों के लिए सरकारी, सार्वजनिक नीति को प्रभावित करना या आम लोगों से संबंधित एक विशेष कारण की रक्षा करना है| दबाव समूह सरकार और लोगों के बीच एक कड़ी के रूप में कार्य करते हैं| दबाव समूह की कई विशेषताएं और प्रकार होते हैं| ये समूह सरकार को जवाबदेही के मंच पर लाने का प्रयास करते हैं| सामान्य ये राजनीतिक और वैचारिक उद्देश्यों को धरातल पर लाने के लिए सरकार या सरकारों के समकक्ष मुद्दे को उठाती हैं|

दबाव समूहों के कार्य:

  1. दबाव समूह कारण और नोटिस के आधार पर, स्थानीय, क्षेत्रीय, राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्य कर सकते हैं|
  2. सभी हित समूह स्वयं या अपने कारणों के लाभ के लिए सरकार की नीति को प्रभावित करने की एक लालसा रखते हैं|
  3. आम तौर पर ये गैर-लाभकारी और स्वयंसेवी संगठन होते हैं|
  4. एक लक्षित उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए वे राजनीतिक या औद्योगिक निर्णय निर्माताओं को प्रभावित करना चाहते हैं|
  5. दबाव समूह उन व्यक्तियों का समूह या संग्रह है जो जातीयता, धर्म, राजनीतिक दर्शन, या एक समान लक्ष्य के आधार पर मूल्यों और विश्वासों पर समान पकड रखते हैं|
  6. दबाव समूह अक्सर उन लोगों की विचारों का प्रतिनिधित्व करते हैं जो समाज की मौजूदा परिस्थितियों से असंतुष्ट होते हैं|
  7. ये उन हितकारी समुदायों के स्वाभाविक परिणाम हैं जो सभी समाजों में विद्यमान रहते हैं|
  8. दबाव समूह राजनीतिक दलों से भिन्न होते हैं| राजनैतिक दल लोगों द्वारा चुनकर आने के बाद परिवर्तन करना चाहते हैं, जबकि दवाब समूह राजनीतिक दलों को प्रभावित करने का प्रयास करते हैं| दवाब समह विशेष मुद्दों पर बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित करने में सक्षम होते हैं, जबकि राजनैतिक दल मुद्दों कि विस्तृत श्रृंखला का पता लगाते हैं|
  9. दबाव समूह व्यापक रूप से लोकतांत्रिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण भाग हैं|

Business Pressure Groups किसे कहते हैं और कौन-कौन से दबाव समूह हैं?

व्यापार समूह भारत में सबसे अधिक महत्वपूर्ण, प्रभावशाली और संगठित दबाव समूहों में से एक है| व्यापार समूहों के उदाहरण इस प्रकार हैं- भारतीय उद्योग परिसंघ (CII), भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की), वाणिज्य एंव उद्योग मंडल (एसोचैम) के परिसंघ- प्रमुख घटक बंगाल चैम्बर ऑफ कामर्स कलकत्ता और मध्य वाणिज्यिक संगठन दिल्ली आदि हैं|

व्यावसायिक हित समूहों में आधुनिक दबाव समूह के रूप में कार्य करने की सामर्थ्य सबसे अधिक है| इनका मुख्य कार्य किसी भी परिस्थिति में व्यापारिक हितों की रक्षा करना होता है|व्यापार दबाव समूह उपरोक्त 9 कार्य करते है मगर उनका लक्ष्य व्यापार के सन्दर्भ में होता है|अगर व्यापारिक दबाव समूहों के इतिहास की बात करें तो भारत में 1830 में एक व्यापारी संघ का गठन हो गया था| 1834 में कलकत्ता वाणिज्य मंडल की स्थपाना की गई, जिसकी सदस्यता केवल अंग्रेज व्यापारियों तक ही सीमित थी| भारतीयों ने अपने व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए 1887 में भारतीय वाणिज्य मंडल का गठन किया| वर्तमान समय में फेडरेशन ऑफ इण्डियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री अत्यन्त आधुनिक और प्रभावशाली दबाव समूह माना जाता है| यह लगभग एक लाख से भी ज्यादा छोटी-बड़ी व्यावसायिक इकाइयों का प्रतिनिधित्व करता है| वर्ष 1958 के बाद तो फेडरेशन ने लॉबी कार्य हेतु संसदीय सम्बद्ध अधिकारी भी रखे हैं| ये अधिकारी संसद सदस्यों की फेडरेशन के दृष्टिकोणों से परिचित करते हैं और आवश्यक आंकड़ें देकर व्यवसायिक हितों की अभिवृद्धि करते हैं|

 FICCI (भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ)

भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) (Federation of Indian Chambers of Commerce and Industry-FICCI) भारत के व्यापारिक संगठनों का संघ है| इसकी स्थापना 1927 में महात्मा गांधी की सलाह पर घनश्याम दास बिड़ला एवं पुरुषोत्तम ठक्कर द्वारा की गयी थी| इसका मुख्यालय नयी दिल्ली में है| वर्तमान में संदीप सोमानी इसके अध्यक्ष और महासचिव दिलीप चिनॉय हैं| अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप की संयुक्त प्रबंध निदेशक संगीता रेड्डी को वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया गया है|

 CII (कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री)

कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) भारत की एक गैर-सरकारी, गैर-लाभ, उद्योग नेतृत्व तथा उद्योग प्रबंधित संगठन है| यह भारत की औद्योगिक विकास प्रक्रिया में एक सक्रिय भूमिका निभा रहा है| इस संघ का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है| वर्तमान में इसके महानिदेशक श्री चंद्रजीत बनर्जी हैं|

 ASSOCHAM (भारतीय वाणिज्य एंव उद्योग मंडल)

भारतीय वाणिज्य एंव उद्योग मंडल (The Associated Chambers of Commerce and Industry / ASSOCHAM) या एसोचैम भारत के वाणिज्य संघों की प्रतिनिधि संस्था है| इसकी स्थापना 1920 में हुई थी| इस समय भारत की एक लाख से अधिक कंपनियाँ इसकी सदस्य हैं| एसोचैम भारत की वाणिज्य एवं व्यापार के हितों की रक्षा के लिये काम करता है| वर्तमान में इसके अध्यक्ष बालकृष्ण गोयनका हैं| एसोचैम हमें भारत के बुनियादी ढाँचे की जानकारी उपलब्ध कराता है| एसोचैम का मुख्यालय नई दिल्ली है|

 NASSCOM (National Association of Software and Services Companies)

नैसकॉम (NASSCOM / National Association of Software and Services Companies) भारत के सूचना प्रौद्योगिकी तथा बीपीओ का एक व्यापारिक संघ है| इसकी स्थापना 1988 में हुई थी| यह एक लाभ-निरपेक्ष (non-profit) संस्था है| इसके सदस्यों की संख्या 1500 से अधिक है जिसमें से 250 से अधिक सदस्य यूएस, यूके, यूरोपीय संघ, जापान तथा चीन, की कम्पनियां हैं| वर्तमान में इसके अध्यक्ष केशव मुरुगेस और उपाध्यक्ष प्रवीन राव हैं| नैसकॉम का मुख्यालय नई दिल्ली है|