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व्यापारियों को प्रभावित करेगा जीएसटी का ये संशोधन

डिन नम्बर का उल्लेख आवश्यक होगा

मोदी सरकार ने GST में डिन (DIN) यानी डॉक्युमेंट आइडेंटिफिकेशन नंबर को लागू कर दिया है| केन्‍द्रीय अप्रत्‍यक्ष कर बोर्ड (सीबीआईसी) की दस्‍तावेज पहचान संख्‍या (डिन) 08 नवम्‍बर, 2019 से लागू हो जाएगी।अप्रत्‍यक्ष कर व्‍यवस्‍था से जुड़ी इस क्रांतिकारी डिन प्रणाली का सृजन केन्‍द्रीय वित्‍त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण के निर्देश पर हुआ है और अब से सीबीआईसी के किसी भी पत्र-व्‍यवहार इत्‍यादि में दस्‍तावेज पहचान संख्‍या (डिन) का उल्‍लेख करना आवश्‍यक होगा।सरकार ने ये कदम  देश के व्यवसायियों  के हितों की सुरक्षा के लिए बढाया  है| सरकार ने प्रत्‍यक्ष कर प्रशासन या व्‍यवस्‍था में डिन प्रणाली को पहले ही अमल में ला दिया है।

बता दें (CBIC) के आदेश के मुताबिक, डिन  का इस्‍तेमाल उन जीएसटी मामलों में होगा, जिनकी जांच  चल रही है और उनमें अरेस्‍ट और सर्च वारंट जारी हो चुका है| सीबीआईसी के मुताबिक, 8 नवंबर के बाद जो भी कागज जारी होगा उस पर DIN देना जरूरी है|यह अप्रत्‍यक्ष कर प्रशासन में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने के सरकारी लक्ष्‍यों की पूर्ति की दिशा में एक बड़ा कदम है।

सुनिश्चित होगी पारदर्शिता

दैनिक भाष्कर  में प्रकाशित खबर के अनुसार राजस्‍व सचिव डॉ. अजय भूषण पांडेय ने कहा, ‘अप्रत्‍यक्ष कर प्रशासन में सबसे पहले डिन का उपयोग किसी भी जांच प्रक्रिया के दौरान जारी समन, तलाशी के लिए अधिकृत करने, गिरफ्तारी पत्रक, जांच नोटिस और पत्रों के लिए किया जाएगा। अब से जीएसटी अथवा सीमा शुल्‍क अथवा केन्‍द्रीय उत्‍पाद शुल्‍क विभाग यदि कम्‍प्‍यूटर सृजित डिन के बिना ही कोई पत्र-व्‍यवहार करता है तो वह अमान्‍य होगा। यह कानूनन गलत होगा अ‍थवा ऐसा समझा जाएगा कि इसे कभी जारी ही नहीं किया गया है।’डिन प्रणाली अप्रत्‍यक्ष कर प्रशासन में भी अपेक्षाकृत अधिक जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी। यह किसी भी तरह के पत्र-व्‍यवहार को सत्‍यापित करने के लिए करदाताओं को डिजिटल सुविधा प्रदान करेगी। इसके अलावा डिन प्रणाली को अगले माह के आखिर तक अन्‍य तरह के पत्र-व्‍यवहार में भी अमल में लाया जाएगा। विशिष्‍ट अपवाद स्थितियों को छोड़ कोई भी पत्र-व्‍यवहार डिन के बिना नहीं होगा।’

ऑनलाइन पोर्टल पर सत्यापन​​​​​​​

सीबीआईसी के अध्‍यक्ष श्री प्रणब के. दास ने कहा, ‘इस उपाय से इस तरह के पत्र-व्‍यवहार की समुचित ऑडिट जानकारियों को बनाए रखने के लिए एक डिजिटल निर्देशिका (डायरेक्टरी) का सृजन होगा। अब डिन युक्‍त इस तरह के सभी निर्दिष्‍ट पत्र-व्‍यवहार का सत्‍यापन ऑनलाइन पोर्टल cbicddm.gov.in पर हो सकेगा। सीबीआईसी के निर्देश के अनुसार अपवाद स्थितियों के अतिरिक्त मैनुअल ढंग से जारी किसी भी तरह के पत्र-व्‍यवहार को इसके जारी होने के 15 कार्य दिवसों में इस प्रणाली पर नियमित करना होगा। ​​​​​​​सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 168(1)/केन्‍द्रीय उत्‍पाद शुल्‍क अधिनियम, 1944 की धारा 37/सीमा शुल्‍क अधिनियम,1962 की धारा 151ए के तहत मिले अधिकारों का उपयोग क‍रते हुए सीबीआईसी अपने कार्यालयों द्वारा करदाताओं तथा अन्‍य संबंधित लोगों को भेजे गए इस तरह के सभी पत्र-व्‍यवहार के लिए दस्‍तावेज पहचान संख्‍या (डिन) के इलेक्‍ट्रॉनिक सृजन की प्रणाली को लागू कर रहा है।