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Lock-In Period – लॉक इन पीरियड

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लॉक इन पीरियड का आर्थ होता है की अगर एक बार निवेशक ने किसी फण्ड में निवेश कर दिया है तो स्कीम के तय समय के पहले उसमे से पैसे नहीं निकाल सकता है|

यह एक प्रकार का एग्रीमेन्ट है जो मॉरगेज बैंक और उधारकर्ता के बीच में होता है | इस अग्रीमेन्ट में यह जानकारी होती है की बैंक अपने उधारकर्ता से लोन पर किसी भी प्रकार का इन्टरेस्ट नहीं लेगा | यह अग्रीमेन्ट सिर्फ 60 दिनों के लिये ही जारी किया जाता है|

लॉक इन पीरियड का इस्तेमाल कम्पनिया अपने कस्टमर्स को रोकने के लियेया करती है जिससे की कस्टमर्स अगर एक बार उनकी कम्पनी में निवेश कर चूका है तो लॉक इन पीरियड ख़तम होने के बाद ही वो अपने पैसे को निकल सकता है |

अगर हम किसी भी सरकारी बैंक में PPF खाता खोलते है तो उसमे 5 साल का लॉक इन पीरियड होता है जिसमे निवेशक कितने भी पैसे कभी भी दाल सकता है पर उसमे से पैसे वो सिर्फ 5 साल बाद ही निकल सकता है | PPF अकाउन्ट में इन्टरेस्ट रेट फिक्स होता है जो हमे म्युतुरिटी के वक़्त मिलता है|

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