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शार्ट टर्म मे करॉना वायरस से स्टॉक मार्केट मे हो सकता है फायदा

कोरोना वायरस से स्टॉक मार्केट को फायदा

इमर्जिंग मार्केट्स (EM) में भारतीय इक्विटी मार्केट का आकर्षण शॉर्ट टर्म में बढ़ सकता है। एशिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी पर करॉना वायरस का सबसे कम असर हुआ है। इंडिया की जीडीपी ग्रोथ को बढ़ावा देनेवाले फैक्टर्स घरेलू हैं और टॉप 10 सेक्टर्स में चीन के साथ इसका नेट ट्रेड बैलेंस GDP पर्सेंटेज के हिसाब से 0.1% से भी कम है।

जहां तक दूसरे एशियाई देशों की बात है तो चीन के साथ उनका नेट ट्रेड बैलेंस 1 से 21% के बीच है। ग्लोबल जीडीपी और ग्लोबल ट्रेड में चीन की भागीदारी क्रमश: 16% और 19% है।चीन में लॉकडाउन कितने समय तक रह सकता है, इसका अनुमान लगाने के लिए एक्सपर्ट्स इस बात पर नजर रख रहे हैं कि फ्रेश वायरस इनफेक्शन के मामले किस रफ्तार से सामने आ रहे हैं।

अगर नए मामलों की संख्या घटती है तो यह अनुमान लगाया जा सकता है कि इकॉनमी पर उसके असर को नियर टर्म में थामा जा सकता है। नोमुरा के मुताबिक, करॉना वायरस इनफेक्शन के नए मामले सामने आने की रफ्तार कम हो रही है और फाइनैंशल मीडिया से नई सुस्ती बनने के संकेत मिल रहे हैं।

चीन की जीडीपी ग्रोथ 200 बेसिस पॉइंट घटी

इकनॉमिस्ट्स ने 2020 के पहले क्वॉर्टर के लिए चीन की जीडीपी ग्रोथ फोरकास्ट 200 बेसिस पॉइंट घटा दी थी। करॉना वायरस के चलते इसके साथ ही एशिया की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान भी 20-30 बेसिस पॉइंट घटा दी गई है। ग्रोथ में कमी आने के आसार को देखते हुए दुनियाभर के सेंट्रल बैंक (रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया जैसे) अपने मॉनिटरी स्टांस को एकमोडेटिव बना सकते हैं (बाजार में मनी सप्लाई बढ़ा सकते हैं) और अपनी बैलेंस शीट को एक्सपैंड करते रह सकते हैं यानी सिक्यॉरिटीज में खरीदारी करते रह सकते हैं।

मैक्रो इकनॉमिक फ्रंट पर इकनॉमिक ऐक्टिविटीज में सुस्ती के चलते दुनियाभर में क्रूड ऑयल के दाम में कमी आई है। भारत के लिए राहत वाली बात यह है कि यह अपनी क्रूड ऑयल की जरूरत का 80% से ज्यादा हिस्से का इंपोर्ट करता है। इसलिए क्रूड का सस्ता होना इसके लिए फायदेमंद होगा क्योंकि उससे फिस्कल डेफिसिट पर काबू पाने में मदद मिलेगी।

इसके अलावा MSCI इंडेक्स में चीन का एक्सपोजर 1% से भी कम है। इंडियन इक्विटी मार्केट ने पिछले महीने इमर्जिंग मार्केट्स को 6.7% मार्जिन से आउटपरफॉर्म किया है और इमर्जिंग मार्केट इंडेक्स में इसका वेट लगभग 9% है। इंडियन इक्विटी मार्केट में MSCI EM के मुकाबले 50% प्रीमियम पर ट्रेड हो रहा है।