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शेयर ट्रांसफर करना हुआ महंगा, देशभर में लगेगी समान स्टैंप ड्यूटी

9 जनवरी से शेयर ट्रांसफर पर लगेगी स्टैंप ड्यूटी चार्ज

अबतक शेयरधारकों को ऑफ-मार्केट शेयर ट्रांजैक्शन्स पर कोई स्टैंप ड्यूटी टैक्स नहीं देनी पड़ती थी परन्तु 9 जनवरी से शेयर ट्रांसफर पर स्टैंप ड्यूटी लगेगी। इसके अलावा एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में शेयर ट्रांसफर करने की लागत भी अगले साल से बढ़ जाएगी। साथ ही एक्सचेंजों पर होनेवाले सभी ट्रांजैक्शन पर देशभर में एकसमान ड्यूटी रेट लागू होगा। मंगलवार को फाइनैंस मिनिस्ट्री ने एक नोटिफिकेशन जारी करते हुए कहा कि 9 जनवरी से ऐसे ट्रांजैक्शन पर स्टैंप ड्यूटी लगेगी। इसके अलावा स्टॉक एक्सचेंजों पर होनेवाले सभी ट्रांजैक्शन पर देशभर में एकसमान स्टैंप ड्यूटी रेट लागू करने की बात भी कही। ज्ञात हो कि शेयरों के ऑफ-मार्केट ट्रांजैक्शन्स पर अब तक यह टैक्स नहीं लगता था और राज्यों के अलग-अलग स्टैंप ड्यूटी रेट थे।

पूरे देश में होगी एकसमान स्टैंप ड्यूटी दर

स्टॉक एक्सचेंज आगामी 9 जनवरी से शेयरों और कमोडिटी की ट्रेडिंग पर और डिपॉजिटरी सेक्शन ऑफ मार्केट ट्रांजैक्शन्स पर एक समान दर से स्टैंप ड्यूटी चार्ज करेंगे।

ज्ञात हो कि अभी कॉन्ट्रैक्ट नोट के हिसाब से स्टैंप ड्यूटी, ट्रांजैक्शन के बाय और सेल साइड दोनों पर लिए जाते हैं जो ट्रेड वाले वॉल्यूम पर आधारित होता है। यह रकम ब्रोकर्स अपने क्लाइंट से वसूल करते हैं और संबंधित राज्य सरकारों को देते हैं। परन्तु नए नियमों के तहत इंट्रा डे इक्विटी और ऑप्शंस (इक्विटी और कमोडिटी) ट्रेड में स्टैंप ड्यूटी 0.003% प्रतिशत की दर से यानी 300 रुपये प्रति करोड़ होगी। डिलिवरी वाले इक्विटी ट्रेड में ट्रांजैक्शन के बाय साइड में 0.015 फीसदी की दर से 1500 प्रति करोड़ स्टैंप ड्यूटी लगेगी। वहीँ इक्विटी और कमोडिटी, दोनों फ्यूचर्स के लिए यह 200 रुपये प्रति करोड़ और करेंसी में 10 रुपये प्रति करोड़ होगा। यह रकम केंद्र सरकार के पास जमा की जाएगी जिसका बंटवारा राज्यों के बीच किया जाएगा।

ब्रोकरेज हाउस पर नए स्टैंप ड्यूटी दर का असर

नवभारत टाइम्स के अनुसार ब्रोकरेज फर्म जीरोधा के फाउंडर नितिन कामथ का कहना है कि तमिलनाडु, गोवा, दमन और दीव के एक्टिव ट्रेडर्स को नई यूनिफॉर्म स्टैंप ड्यूटी कलेक्शन से फायदा होगा क्यूंकि उनके यहाँ स्टैंप ड्यूटी अति न्यूनतम सिर्फ 0.005% लगती है। लेकिन हरियाणा, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और उड़ीसा के ट्रेडर्स इससे खासे प्रभावित होंगे क्योंकि अब तक उनके यहां मैक्सिमम स्टैंप ड्यूटी की लिमिट तय है। महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे राज्यों पर इसका खास असर नहीं होगा।

कई ब्रोकरेज हाउस दमन और गोवा जैसे जगह पर अपना कारोबार रजिस्टर कराते थे, जहां स्टैंप ड्यूटी सिर्फ 0.005% यानि तुलनात्मक रूप से बहुत कम थी, क्यूंकि महाराष्ट्र जैसे कई अन्य राज्यों में डिलिवरी वाले ट्रेड पर 0.01% की स्टैंप ड्यूटी वसूल की जाती थी। जानकारों का कहना है कि देशभर में एकसमान रेट से स्टैंप ड्यूटी वसूल किए जाने से यह एडवांटेज खत्म होने जा रहा है।