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बजट2020: सरकारी बीमा कंपनियों को मिलेगी ये सौगात

बीमा कंपनियों की वित्तीय सेहत सुधारने के लिए सरकार यह कदम सरकार द्वारा उठाया जा सकता है

बजट2020 की उलटीं गिनती प्रारंभ हो गई है| वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन जब 1 फरवरी को अपना दूसरा बजट पेश करेंगी तो सभी क्षेत्रों की आशा भरी निगाहें संसद की तरफ होंगी| इस Union Budget 2020 में सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों के लिए दूसरे दौर की पूंजी डालने की घोषणा कर सकती हैं| इन बीमा कंपनियों की वित्तीय सेहत सुधारने के लिए सरकार यह कदम सरकार द्वारा उठाया जा सकता है| इससे पूर्व सरकार ने पिछले महीने 2019-20 के लिए पहली अनुदान के लिए अनुपूरक मांग में तीन बीमा कंपनियों नेशनल इंश्योरेंस, ओरियंटल इंश्योरेंस और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस में 2,500 करोड़ रुपए डालने की घोषणा की थी|

इस बारें में सूत्रों का कहना कि इन कंपनियों को तय ‘सॉल्वेंसी मार्जिन’ के लिए 10,000 से 12,000 करोड़ रुपए की अतिरिक्त जरूरत पड़ेगी| सूत्रों ने बताया कि इस बारे में घोषणा वित्त वर्ष 2020-21 के बजट में की जा सकती है| ज्ञात हो कि बजट2020 आगामी एक फरवरी को पेश किया जाना है|

तीनों को मिला कर बन सकती है संयुक्त कंपनी  

सूत्रों के अनुआर पूंजी डालने के बाद न केवल इन कंपनियों की वित्तीय सेहत सुधरेगी, बल्कि उनके विलय का रास्ता भी खुल सकेगा| तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2018-19 में घोषणा की थी कि तीनों कंपनियों का एक इकाई के रूप में विलय किया जाएगा| हालांकि तब इन कंपनियों का विलय कई कारणों मसलन उनकी खराब वित्तीय सेहत की वजह से नहीं किया जा सका था|

विलय के बाद हो सकती है लिस्टिंग

सूत्रों ने बताया कि विलय के बाद अस्तित्व में आने वाली संयुक्त इकाई को शेयर बाजारों में सूचीबद्ध किया जाएगा| शुरुआती अनुमानों के अनुसार विलय के बाद बनने वाली संयुक्त इकाई देश की सबसे बड़ी साधारण बीमा कंपनी होगी, जिसका मूल्य 1.2 से 1.5 लाख करोड़ रुपए होगा| 31 मार्च, 2017 तक तीनों कंपनियों के कुल बीमा उत्पाद 200 से अधिक थे| इनका कुल प्रीमियम 41,461 करोड़ रुपये और बाजार हिस्सेदारी 35 प्रतिशत थी|

ज्ञात हो कि विगत कुछ समय से सरकार ने बीमा क्षेत्र में बहुत सारे ससोधन किए हैं| सरकारी तीनों बीमा कंपनियां नेशनल इंश्योरेंस, ओरियंटल इंश्योरेंस और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस एक समय काफी लाभदायक बीमा कंपनियां थी, मगर ख़राब प्रबंधन और असंतुलित व्यय की वजह से इनकी आर्थिक स्थिति ख़राब हो गई| अगर सूत्रों की बात सच होती है तो बजट2020 सरकार का यह कदम इनके लिए जीवनदायनी साबित हो सकता है|