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सरकार दूरसंचार उद्योग की समस्याओं से वाकिफ है: रविशंकर प्रसाद

5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी इसी वर्ष होगी

सरकार दूरसंचार उद्योग के समक्ष मौजूद समस्याओं और चुनौतियों से वाकिफ है। ‘स्पेक्ट्रम की नीलामी इसी वर्ष होगी।..और हम स्पेक्ट्रम के मूल्य निर्धारण की पद्धति में कुछ सुधार कर रहे हैं।’ये बातें दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2019 के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कही|

बता दें कि भारत की राजधानी दिल्ली में टेक्नोलॉजी का सबसे बड़ा इवेंट इंडियन मोबाइल कांग्रेस (Indian Mobile Congress 2019) की शुरुआत हो गई है। यह कार्यक्रम 16 अक्टूबर तक चलेगा। आईएमसी 2019 में 30 देशों की 300 से ज्यादा आईटी और टेलिकॉम कंपनियां हिस्सा ले रही हैं।इसमें प्रमुख रूप से एयरटेल, आइडिया, रिलायंस जियो और एरिक्सन जैसी कंपनियां शामिल हैं|

इस अवसर पर भारती एंटरप्राइजेज के वाइस चेयरमैन राकेश भारती मित्तल ने कहा कि देश में उच्च गति की ब्रॉडबैंड सेवा के लिए आप्टिकल फाइबर बिछाने की लागत का 75 प्रतिशत स्थानीय प्राधिकरणों द्वारा लिया जाने वाला शुल्क होता है। ”स्पेक्ट्रम का मौजूदा आरक्षित मूल्य वैश्विक स्तर पर अन्य देशों की तुलना में करीब सात गुना है। स्पेक्ट्रम के ऊंचे मूल्य तथा उसके साथ साइटों और फाइबर के लिए अधिक निवेश करने की जरूरत से दूरसंचार उद्योग प्रभावित है। वित्तीय दबाव झेल रहे कर्ज से दबे टेलीकॉम उद्योग के अन्य प्रतिनिधियों ने भी इसे बहुत महंगा बताते हुए कीमतों में कमी का आग्रह किया।

गौरतलब है कि दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ट्राई ने पिछले वर्ष सरकार को 5जी सेवाओं समेत लगभग 8644 मेगा ह‌र्त्ज स्पेक्ट्रम की नीलामी का सुझाव दिया था। इसके लिए उसने कुल 4.9 लाख करोड़ रुपये का बेस प्राइस रखे जाने की सिफारिश की है। दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आगामी नीलामी के लिए स्पेक्ट्रम के आरक्षित मूल्य में कमी के संकेत दिए हैं। 5 जी समेत अन्य बैंड के स्पेक्ट्रम की अत्यधिक कीमत को लेकर चिंताओं के बीच दूरसंचार मंत्री ने टेलीकाम उद्योग प्रतिनिधियों से मूल्य निर्धारण में ’सुधार’ का वादा किया।उन्होंने कहा कि स्पेक्ट्रम की नीलामी इसी वित्त वर्ष में होगी।सरकार दूरसंचार उद्योग की चुनौतियों और समस्याओं से अवगत भी है और उन्हें लेकर जागरूक भी है।हम स्पेक्ट्रम के मूल्य निर्धारण में आवश्यक सुधार कर रहे हैं।’