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सरकार ने दिया इलाहाबाद बैंक को 2,153 करोड़ रुपये का सहारा

चालू वित्त वर्ष के दौरान सरकार ने इलाहाबाद बैंक के लिए 2,153 करोड़ रुपये की नई पूंजी मंजूर की।

केंद्र सरकार ने सार्वजानिक क्षेत्र के इलाहाबाद बैंक को 2,153 करोड़ रुपये की नई पूंजी देना मंजूर कर लिया है। इलाहाबाद बैंक ने ख़ुद यह सूचना शेयर बाज़ार को दी है कि वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग से जानकारी मिली है कि उसे 2,153 करोड़ रुपये की नई पूंजी जारी किए जाने को स्वीकृति दे दी गयी है।

आर्थिक वृद्धि को तेज करना मकसद

केंद्र सरकार सार्वजानिक क्षेत्र के बैंकों का पूंजी आधार मजबूत करना चाहती है ताकि वह आर्थिक वृद्धि को तेज करने के लिये अधिक कर्ज जारी कर सकें। इसी मकसद के तहत सरकार सार्वजानिक क्षेत्र के बैंकों को पूंजी दे रही है। न्यूज़ एजेंसी से मिली ख़बरों के अनुसार इसी क्रम में सरकार पंजाब नेशनल बैंक के लिये 16,000 करोड़ रुपये, यूनियन बैंक आफ इंडिया के लिये 11,700 करोड़ रुपये, केनरा बैंक के लिये 6,500 करोड़ रुपये और इंडियन बैंक के लिये 2,500 करोड़ रुपये की पूंजी का प्रावधान किया गया था। इसके अलावा बैंक आफ बड़ौदा के लिये 7,000 करोड़ रुपये इंडियन ओवरसीज बैंक के लिये 3,800 करोड़ रुपये और सेंट्रल बैंक आफ इंडिया के लिये 3,300 करोड़ रुपये की पूंजी जारी की गई।

पूंजी संबंधी शर्तें पूरा करने में मिलेगी मदद

विदित हो कि केन्द्र सरकार को इसके लिए बैंक वारीयता के आधार पर शेयर आवंटित करेगा।  सरकार ने इलाहाबाद बैंक का इंडियन बैंक के साथ विलय का विलय का पैसला पहले ही कर लिया है। केंद्र सरकार से ये पूंजी के मिलने से इलाहाबाद बैंक को बड़े बैंक के साथ मिलने में, पूंजी संबंधी नियामकीय शर्तें पूरा करने मदद मिलेगी। इलाहाबाद बैंक का नाम 30 अगस्त को जारी सरकारी बैंकों की उस सूची में शामिल नहीं था जिनके लिये कुल मिलाकर 55,250 करोड़ रुपये की कुल नई पूंजी को मंजूरी दी गई थी।