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सरकार से कुटीर एवं लघु उद्योगों के लिए अलग नीति बनाने का अनुरोध

वर्ष 2021-22 तक एमएसएमई की संख्‍या 1.40 करोड़ होने का है अनुमान

सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योग/ Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises अर्थात् (एमएसएमई) एक  निर्यात संवर्धन संस्था है|इस क्षेत्र को काफी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है| केंद्र तथा राज्य सरकारों और भारतीय रिजर्व बैंक को एमएसएमई क्षेत्र के सामने खड़ी इन चुनौतियों से प्राथमिकता के आधार पर निपटना चाहिए। एमएसएमई ने सरकार से कुटीर एवं लघु उद्योग की के लिए अलग से नीति बनाने का सुझाव दिया है|एजेंसी की खबर के मुताबिक़ (ईपीसी) के चेयरमैन डी. एस. रावत और परिषद के उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष हरिनारायण राजभर ने ‘एमएसएमई सेक्‍टर- उत्‍तर प्रदेश’ अध्‍ययन रिपोर्ट भी संयुक्‍त रूप से जारी की।

‘एमएसएमई सेक्‍टर- उत्‍तर प्रदेश’ अध्ययन रिपोर्ट डाटा 

रिपोर्ट के मुताबिक़, उत्‍तर प्रदेश में कुटीर एवं लघु उद्योग के क्षेत्र (एमएसएमई) में वर्ष 2021-22 तक एमएसएमई इकाइयों की संख्‍या 1.40 करोड़ हो जाने का अनुमान किया जा रहा है| जिसमें 3 करोड़ लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं उत्तर प्रदेश में वर्ष 2015-16 और 2017-18 में कुटीर एवं लघु उद्योग के क्षेत्र में शत प्रतिशत बढ़ोत्‍तरी दर्ज हुई है। इस दौरान इन उद्योगों के क्षेत्र में 44.03 लाख से बढ़कर 88.89 लाख की व्रद्धि हुई। विकास की यह रफ्तार अगर बनी रही तो उम्‍मीद है कि वर्ष 2021-22 तक उत्‍तर प्रदेश में (एमएसएमई) इकाइयों की संख्‍या 1.40 करोड़ हो जाएगी और उनसे 3 करोड़ लोगों को रोजगार मिलेगा।

एमएसएमई निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसी) के चेयरमैन डी. एस. रावत ने बताया कि अर्थव्‍यवस्‍था में एमएसएमई क्षेत्र के उल्लेखनीय योगदान के बावजूद यह क्षेत्र अब भी अनेक बाधाओं से जूझ रहा है। छोटी इकाइयों को समय पर पर्याप्त कर्ज नहीं मिलना, ऊंची ब्याज दर, समानांतर आवश्यकताएं, इक्विटी कैपिटल और बीमारू इकाइयों के पुनरुद्धार की ठोस व्यवस्था नहीं होना इस क्षेत्र की बड़ी समस्याओं में है। मौजूदा समस्याओं के मद्देनजर सरकार को कुटीर एवं लघु उद्योगों के लिए अलग से नीति बनानी चाहिए और उत्तर प्रदेश में सरकार की महत्वाकांक्षी ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना को उस नीति से जोड़ देना चाहिए।

उत्तर प्रदेश परिषद इकाई के अध्यक्ष हरिनारायण राजभर ने बताया कि परिषद वर्ष 2025 तक उत्‍तर प्रदेश में एमएसएमई इकाइयों की संख्‍या 3 करोड़ तक पहुंचाने का उद्देश्‍य है| जिसमें पांच साल का रोडमैप तैयार करने के लिये राज्‍य सरकार के साथ साझीदारी करेगी। ऐसा होने से 10 करोड़ लोगों को प्रत्‍यक्ष और 12 करोड़ लोगों को अप्रत्‍यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।

‘एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल’ करेगी व्यापार मेले का आयोजन

एमएसएमई (Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises)/ लघु एवम् कुटीर उद्योंगों  को बढ़ावा देने के लिए एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (ईएमसी) आनेवाले 13 से 16 फरवरी को लखनऊ में कृषि ग्रामीण उद्यमशीलता पर व्‍यापार मेले का आयोजन किया जाएगा। इस मेले का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इस मौके पर गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे।