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साइरस मिस्त्री फिर बनेंगे TATA संस के चेयरमैन!

NCLAT ने दिया चार हफ्ते का समय, टाटा संस सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में  

नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने आज बुधवार को सायरस मिस्त्री के पक्ष में फैसला देते हुए कहा कि मिस्त्री फिर से टाटा सन्स के चेयरमैन पद से हटाना गलत था और उन्हें फिर से चेयरमैन बनाए जाए| विदित हो कि नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में केस हारने के बाद मिस्त्री अपीलेट ट्रिब्यूनल NCLAT पहुंचे थे, जहां पर आज उनके पक्ष में फैसला आया|

जुलाई में फैसले को सुरक्षित रखा था NCLAT ने

अपीलेट ट्रिब्यूनल ने जुलाई में फैसला सुरक्षित रखा था| NCLAT ने टाटा सन्स के चेयरमैन पद पर एन चंद्रशेखरन की नियुक्ति को भी गलत ठहराया| चंद्रशेखरन जनवरी 2017 में चेयरमैन बने थे| NCLAT के फैसले के खिलाफ अपील के लिए टाटा सन्स ने 4 हफ्ते का वक्त मांगा है| NCLAT ने इसके लिए मंजूरी और समय दे दीया है| ज्ञात हो कि टाटा सन्स टाटा ग्रुप की कंपनियों की प्रमोटर है|

नीतियों को बदलने का लगाया गया था आरोप

साइरस मिस्त्री को जब टाटा संस के चेयरमैन पद से हटाया गया था तो उनपर अन्य आरोपों के साथ टाटा की नीतियों को बदलने का आरोप भी लगाया गया था| विदित हो कि टाटा की नीतियों में समाजसेवा एक प्रमुख स्थान रखता है| साथ ही मिस्त्री पर बोर्ड मेम्बर के साथ सही से पेश नहीं आने का भी आरोप लगा था, मगर सूत्र बताते हैं की वास्तविक कारण रतन टाटा और साइरस मिस्त्री के बीच प्रभुत्व की लड़ाई थी|

टाटा परिवार से बाहर के दूसरे चेयरमैन थे मिस्त्री

टाटा संस के निदेशक मंडल ने 24 अक्टूबर, 2016 को एक हैरान करने वाला कदम उठाते हुए मिस्त्री को चेयरमैन पद से बर्खास्त कर दिया था| वह दिसंबर, 2012 में टाटा संस के चेयरमैन बने थे| ज्ञात हो कि समूह के 150 साल के इतिहास में मिस्त्री चेयरमैन बनने वाले टाटा परिवार से बाहर के दूसरे व्यक्ति थे| उनसे पहले 1934-38 के दौरान टाटा परिवार से बाहर के नवरोजी सकलतवाला टाटा समूह के चेयरमैन थे|

ज्ञात हो कि साइरस मिस्त्री परिवार के पास टाटा सन्स की 18.4% हिस्सेदारी है|

सायरस मिस्त्री-टाटा संस मामले के अब तक के घटनाक्रम :

दिसंबर, 2012 : साइरस मिस्त्री टाटा संस के चेयरमैन बने|

24 अक्तूबर, 2016 : टाटा संस ने सायरस मिस्त्री को चेयरमैन पद से बर्खास्त किया| रतन टाटा को अंतरिम चेयरमैन बनाया गया|

25 अक्तूबर, 2016 : मिस्त्री ने टाटा संस के बोर्ड को पत्र लिखा, टाटा के ट्रस्टी द्वारा क्षद्म नियंत्रण का आरोप लगाया|

19 दिसंबर, 2016 : मिस्त्री ने टाटा समूह की सभी कंपनियों के निदेशक पद से इस्तीफा दिया|

20 दिसंबर, 2016 : मिस्त्री ने NCLT में याचिका दाखिल कर अल्पमत शेयरधारकों के दमन और कुप्रबंधन का आरोप लगाया|

12 जनवरी, 2017 : टाटा संस ने एन. चंद्रशेखरन को चेयरमैन नियुक्त किया|

6 फरवरी, 2017 : मिस्त्री को टाटा संस के बोर्ड के निदेशक पद से भी हटाया गया|

21 सितंबर, 2017 : टाटा संस के बोर्ड ने प्राइवेट कंपनी बनने की योजना को मंजूरी दी|

12 जून, 2018 : NCLT  ने फैसले के लिए चार जुलाई की तिथि तय की|

4 जुलाई, 2018 : NCLT ने फैसले की तिथि को बढ़ाकर नौ जुलाई किया|

9 जुलाई, 2018 : NCLT ने मिस्त्री की वह याचिका खारिज की, जिसमें उन्होंने टाटा संस के चेयरमैन पद से बर्खास्त किए जाने को चुनौती दी थी| ट्रिब्यूनल ने कहा कि मिस्त्री को बोर्ड से इसलिए हटाया गया, क्योंकि बोर्ड और उसके सदस्यों का उन पर से विश्वास खत्म हो गया था|

टाटा ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट

NCLAT के फैसले के बाद टाटा ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में आज बिकवाली तेज हो गई है| टाटा मोटर्स BSE पर 3.05% की गिरावट के साथ 174.70 रुपए पर बंद हुआ| विदित हो की पिछले दो दिनों से टाटा मोटर्स के शेयरों में तेज़ी थी| यहां तक की आज सुबह के सत्र में भी इसने अच्छी बढ़त बनाई थी| वहीं टाटा ग्लोबल बेवरेजेज 4.14% के नुकसान के साथ 311.80 रुपए पर बंद हुआ| टाटा पावर 0.98% नीचे आकर 55.50 रुपए पर कारोबार खत्म किया|

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस घटनाक्रम का क्या पटाक्षेप होता है| क्या रतन टाटा वाले साइड टाटा संस को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलती है या सुप्रीम कोर्ट NCLAT के फैसले पर ही कायम रहता है| ध्यान देने वाली बात है कि NCLAT ने टाटा संस को साइरस मिस्त्री की नियुक्ति के लिए 4 सप्ताह का समय दिया है मगर सुप्रीम कोर्ट जाने का बाद साड़ी समय सीमा समाप्त हो सकती है|