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भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक – सीएजी (CGA) क्या है

Niyantrak Mahalekha Parikshak का पद बहुत ही ज्यादा महत्तवपूर्ण पद है

भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक – सीएजी (CAG) को राष्ट्रीय वित्त संरक्षण भी कहा जाता है। इनपर देश के करदाताओं के हितों की रक्षा करने की ज़िम्मेदारी होती है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक का कार्यालय 9 दीनदयाल उपाध्याय मार्ग,नई दिल्ली में स्थित है। इस समय नियन्त्रक एवं महालेखा परीक्षक के मुख्य राजीव महर्षि है। ये भारत के 13 वें नियंत्रक – महालेखा परीक्षक है। भारत का नियंत्रक – महालेखा परीक्षक (Niyantrak Mahalekha Parikshak) का पद बहुत ही ज्यादा महत्तवपूर्ण पद है। इसके द्वारा देश के वित्तीय प्रणाली को चलाया जाता है।

भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को अंग्रेज़ी में Comptroller and Auditor General of India – (CAG) कहा जाता है।

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नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक CAG की भूमिका

भारत की अर्थव्यवस्था में कैग की अहम भूमिका है। इनका काम सेंट्रल और राजीयस्तर के सभी सरकारी विभागों और दफ्तरों का ऑडिट करना और उसे चेक करना है। इनमें रेलवे, पोस्ट एंड टेलिकॉम विभाग भी शामिल है। कैग सरकारी कंपनियों या सरकार द्वारा वित्तपोषित कंपनियों की जांच – पड़ताल करती है।

नियामक लेखा परीक्षा और प्रदर्शन लेखा परीक्षा

कैग ऑडिट को दो वर्गों में बांटता है – रेग्युलेरिटी ऑडिट और परफॉर्मेंस ऑडिट (नियामक लेखा परीक्षा और प्रदर्शन लेखा परीक्षा) में बांटा गया है। रेग्युलेरिटी ऑडिट (जो कम्पलायंस ऑडिट भी कहलाता है) में फाइनैंशल स्टेटमेंट का ऐनालिसिस किया जाता है और देखा जाता है कि उसमें सभी नियम-कानून का पालन किया गया है नहीं। परफॉर्मेंस ऑडिट में कैग यह चेक करता है कि क्या सरकारी प्रोग्राम शुरू करने का जो मकसद था, वह कम से कम खर्च में सही तरीके से हासिल हो पाया है नहीं। (सोर्स – नवभारत टाइम्स)

CAG की स्वतंत्रता

कैग भारतीय सविधान द्वारा स्थापित एक प्राधिकारी (अथॉरिटी) है। लेकिन सरकार का इसपर कोई ज़ोर नहीं है। सरकार द्वारा इसे सरकारी की आमदनी और खर्च पर नज़र रखने के लिए बनाया गया है। देश का राष्ट्रपति कैग की नियुक्ति करता है और इस पद से हटाने के नियम ठीक वैसे ही है जैसे सूप्रीम कोर्ट के जज को हटाने के लिए अपनाई जाती है। 65 वर्ष की आयु पूरी करने पर भी वह पद से हट जाता है। वह किसी भी समय राष्ट्रपति को अपना त्यागपत्र सौंप सकता है। अपने पद से हटने के बाद वह भारत सरकार या राज्य सरकार के अधीन कोई और पद स्वीकार नहीं कर सकता।

Comptroller and Auditor General of India – CAG की जांच रिपोर्ट

कैग अपनी जांच रिपोर्ट संसद और विधानसभाओं की सार्वजनिक लेखा समिति (पब्लिक अकाउंट्स कमेटी) और सार्वजनिक उपक्रम समिति (कमेटी ऑन पब्लिक अंडरटेकिंग्स) जैसी समितियों को देता है। ये समिति कैग की रिपोर्ट की सत्यता की जांच करती है और फिर निर्णायक फैसला लेती है। इसके अलावा ये भी देखती है कि क्या सरकारी निकाय की तरफ से कोई गड़गड़ी तो नहीं की गई है। फिर मामले को चर्चा के लिए संसद में पेश किया जाता है और उस पर कार्रवाई की जाती है।

अब तक के नियन्त्रक एवं महालेखा परीक्षक

क्रमांक नियन्त्रक एवं महालेखा परीक्षक कार्यकाल का आरम्भ कार्यकाल का अन्त
1 वी० नरहरि राव 1948 1954
2 ए० के० चन्द 1954 1960
3 ए० के० राय 1960 1966
4 एस० रंगनाथन 1966 1972
5 ए० बक्षी 1972 1978
6 ज्ञान प्रकाश 1978 1984
7 त्रिलोकी नाथ चतुर्वेदी 1984 1990
8 सी० एस० सोमैया 1990 1996
9 वी० के० शुंगलू 1996 2002
10 वी० एन० कौल 2002 2008
11  विनोद राय 2008 2013
12 शशिकान्त शर्मा़ 2013 2017
13 राजीव महर्षि 2017 वर्तमान