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सीएनजी ईंधन को मिला सरकार की तरफ से बढ़ावा

सीएनजी स्टेशनों की संख्या को चार गुना बढ़कर 7,924 तक पहुंच सकती है

सरकार ने सभी क्षेत्रों में और भी प्रगति के दिलाने के अच्छे कदम उठा रही है। ऐसे में सरकार गैस ईंधन की खपत को बढ़ाने और गैस के क्षेत्रों में सीएनजी और पीएनजी गैस को भी बढ़ावा दे रही है। हांलाकि देश की कई कंपनियां गैस से चलने वाले ट्रैक्टर और जनरेटर भी लांच कर रहे हैं। सरकार ने इस कदम से पीएनजी गैस को भी घर घर तक पहुंचाने का निर्णय लिया है। पीएनजी गैस (पाइप्ड नेचुरल गैस) का उपयोग रसोईघर में खाना बनाने के लिए किया जाता है।

सीएनजी और पीएनजी का वितरण 

फोर्ब्स इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2018 में सरकार ने गैस (सीएनजी और पीएनजी) वितरण के लिए कंपनियों को 136 भौगोलिक क्षेत्रों का आवंटन किया गया था। इन सभी क्षेत्रों में गैस का वितरण शुरू होने में करीब आठ साल लगेंगे। लेकिन देश में मौजूदा 1,734 सीएनजी स्टेशनों को चलाया जा रहा है।

सरकार के इस बढ़ावे से आने वाले आठ सालों में सीएनजी स्टेशनों की संख्या मौजूदा संख्या 1,734 से बढ़कर 7,924 तक पहुंच सकती है। इसके अलावा देश में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) को भी हर घर तक पहुँचाने का लक्ष्य है। पीएनजी गैस को भी आने वाले वर्षों में करीब10 करोड़ घरों में उपलब्ध करने का अनुमान है।

 वर्ष 2020 तक ईंधन की खपत को 15 फीसदी तक पहुंचाना

देश में पिछले दो सालों में गैस ईंधन की खपत 6 फीसदी से ज्यादा बढ़ी है। वर्ष 2020 तक सरकार का लक्ष्य है कि ईंधन खपत को बढ़ाकर 15 फीसदी तक पहुँचने का अनुमान है। इस प्रक्रिया को बढ़ावा देने के लिए सरकार सभी गैस कंपनियों को लाइसेंस मुहैया करा रही है। इस तरह से देश में गैस वितरण में 70.4 फीसदी आबादी को कवर किया जाना आसान होगा। क्यूँकि अभी तक गैस वितरण के दायरे में लगभग 19.8 फीसदी आबादी है।

एजेंसी की खबर के मुताबिक़, इंद्रप्रस्थ गैस के वाणिज्यिक निदेशक अमित गर्ग ने बताया कि देश में सीएनजी उत्पादों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है। यहाँ तक कि कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने भी कुल करों में से छह फीसदी सीएनजी कारें बेंची। साथ ही कंपनी कार में सीएनजी वैरिएंट्स लाएगी।