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सूझबूझ से निवेश करके आप अपने वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करें

इक्विटी फंडों में निवेश के लिए सिप यानि सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान सबसे अच्छा तरीका है।

इक्विटी फंडों में निवेश के लिए सिप यानि सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान सबसे अच्छा तरीका है। निवेशक लगातार इन दिनों इक्विटी फंडों में निवेश कर रहे हैं। एम्फी (म्यूचुअल फंड कंपनी संगठन) के आंकड़ों से पता चलता है कि नवंबर में सिप इनफ्लो 8,272 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। सिप अकाउंट की संख्या बढ़कर 2.94 करोड़ हो गई। बीते एक महीने के दौरान इसमें 5.33 लाख नए खाते जुड़े हैं।

हालाँकि सितंबर 2019 में रिटेल निवेशकों का औसत टिकट साइज 23 फीसदी घटकर 59,201 रुपये रह गया। 2018 में यह 77,318 रुपये था। टिकट साइज को स्कीम के एसेट में अकाउंटों की संख्या से भाग देकर निकाला जाता है। ट‍िकट साइज घटने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। आजकल निवेश करने का तरीका बदल गया है। निवेशक कई अन्य प्लेटफॉर्म और चैनलों से निवेश कर रहे हैं। पहली बार निवेश करने वाले छोटी रकम से शुरुआत करते हैं। ऐसा करने वाले ज्यादा लोगों के कारण कुल टिकट साइज में कमी आई है। इसका कारण है कि निवेशक नियमित न‍िवेश और लंबी अवधि के वित्तीय लक्ष्यों के बारे में नहीं सोचते। यही कारण है कि उनका निवेश ज़रूरत से कम होता है।

निवेश करते समय कुछ ज़रूरी बातें

  • सूझबूझ से निवेश करके आप अपने वित्तीय लक्ष्यों को पूरा कर सकते हैं
  • इक्विटी फंडों में निवेश के लिए सिप सबसे अच्छा तरीका है।
  • निवेश को हमेशा लक्ष्यों के साथ जोड़ कर देखना चाहिए।
  • निवेशकों को इक्विटी में ठीकठाक निवेश रखना चाहिए।
  • इक्विटी में अन्य एसेट के मुकाबले लंबी अवधि में ज्यादा रिटर्न देने की क्षमता होती है

ज्यादातर निवेशक रिटर्न रेट को प्राथमिकता देते हैं। जो स्कीमें टॉप पर रहती हैं, अक्सर वही निवेशकों के पोर्टफोलियो का हिस्सा बनती हैं। जब अपेक्षानुसार रिटर्न नहीं मिलते हैं, तो निवेशक समय से पहले पैसा निकाल लेते हैं। वहीँ नए प्लेटफॉर्मों ने कई नए निवेशकों को अपने साथ जोड़ने में पीछे नहीं हैं।

निवेशकों को ये समझना चाहिए कि सिप शुरू करना केवल आधा काम है। अगर आप सही से न‍िवेश नहीं करते हैं तो वित्तीय लक्ष्यों को पाने में मुश्‍क‍िल आती है। लक्ष्य का समय आने पर इसमें काफी बड़ा अंतर बना रह सकता है। फिर चाहे वह कितना भी रिटर्न क्यों न जेनरेट करे। निवेश को हमेशा लक्ष्यों के साथ जोड़ कर देखना चाहिए।  हर एक रुपये जो आप निवेश करते हैं, वह अनुशासन लाता है। जानकारों का कहना है कि निवेशकों को इक्विटी में ठीकठाक निवेश रखना चाहिए, कारण है कि इसमें अन्य एसेट क्लास के मुकाबले लंबी अवधि में ज्यादा रिटर्न देने की क्षमता होती है।